यूपी के 11 हजार कैदियों को रिहा करने जा रही सरकार, इस वजह से उठाया कदम

न्यूज डेस्क। यूपी सरकार की जेले में बंद 11 हजार कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन ये रिहाई हमेशा के लिए नहीं होगी। यूपी की 71 जेलों में बंद वह कैदी रिहाह किए जायेंगे जिनकी सजा सात साल से कम है और पैरोल पर आठ सप्ताह के लिए इन्हे छोड़ा जायेगा। बताया जा रहा है योगी सरकार ने कैदियों के हित को देखते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए ये निर्णय लिया है।
कई ऐसे कैदी हैं जिनकी उम्र है 60 साल
यूपी की अलग-अलग जेलों की बात की जाये तो इसमें कई ऐसे कैदी हैं जो 60 साल या उससे अधिक उम्र के हैं। लेकिन इन कौदियों का पैरोल पीरियड आठ सप्ताह का होगा। इसे बाद इन्हे नियमों के मुताबिक वापस जेल में आना होगा।

देश भर में अब कोरोना संक्रमित मरीज हुए 873
वहीं केन्द्र सरकार की ओर से शनिवार को जानकारी दी गयी है कि देश भर में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 873 हो गयी है कुल मिलाकर 14़9 नये मामले आये हैं। ऐसे में अब असावधानी न बरती जाये तो ही बेहतर है। वहीं केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से लगातार लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है।

पैरोल का सीधा अर्थ

पैरोल का सीधा साधा अर्थ है की , जब कोई भी व्यक्ति अपराध करता है, तो उस व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार करती है , गिरफ़्तार किये गए उस आरोपी व्यक्ति को पुलिस द्वारा magistrate या court के सामने 24 घंटे के भीतर हाजिर करना होता है , कोर्ट में उस व्यक्ति के अपराध के अनुसार न्यायाधीश के द्वारा सजा सुनाई जाती है, जिसके बाद उस व्यक्ति को जेल में भेज दिया जाता है। उस दोषी व्यक्ति को 10 की जेल की सजा सुनाई है, ऐसे में उस बंदी व्यक्ति को उसकी सजा की अवधि पूरी न हुयी हो या सजा की अवधि समाप्त होने से पहले उस व्यक्ति अस्थाई रूप (temporary) से जेल से रिहा कर देने को ही पैरोल कहते है। यह पैरोल बंदी व्यक्ति के अच्छे आचरण (Good Behavior) को नजर में रखते हुए दी जाती है।पैरोल पाने के लिए बंदी व्यक्ति के वकील (lawyer / Advocate ) द्वारा एक आवेदन (Application ) दाखिल करना होता है। पैरोल गंभीर से गंभीर अपराध के अपराधियों को मिल सकती है।

देश भर में अब कोरोना संक्रमित मरीज हुए 873
वहीं केन्द्र सरकार की ओर से शनिवार को जानकारी दी गयी है कि देश भर में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 873 हो गयी है कुल मिलाकर 14़9 नये मामले आये हैं। ऐसे में अब असावधानी न बरती जाये तो ही बेहतर है। वहीं केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से लगातार लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है।