मड़ियांव पुलिस की लापरवाही से बच्ची की हत्या, दो पुलिस कर्मी लाइन हाजिर, सीओ ने शुरू की जांच

लखनऊ। मड़ियांव थाना क्ष्ोत्र में कक्षा एक में पढ़ने वाली एक बच्ची को अगवा कर मार डाला गया। घटना में पुलिस की लापरवाही मिलने पर दो एसएसपी दीपक कुमार ने दो पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ अलीगंज डा. मीनाक्षा को सौंपी गयी है। सीओ ने जांच शुरू भी कर दी है। हत्यारों ने बच्ची को गुरुवार को अगवा किया था और बच्ची की हत्या कर उसके शव को बेल्ट से माल के कोलवा जंगल में लटका दिया गया। हत्या की जनकारी मिलते ही जहां सनसनी फैल गयी। बताया जा रहा है मासूम के पड़ोसियों ने उसकी हत्या की है मृतक बच्ची के पिता से उनकी काफी दिनों से दुश्मनी चल रही थी। मड़ियांव के शिव नगर कालोनी निवासी मृतक बच्ची की माँ के मुताबिक 6 वर्षीय बेटी लक्ष्मी गुरुवार को सुबह 7 बजे स्कूल के लिए परीक्षा देने निकली थी। वह कक्षा 1 में पढ़ती थी। लेकिन परीक्षा देने के बाद वह वापस घर नहीं आयी। काफी खोजने के बाद बच्ची के गायब होने की सूचना मड़ियांव कोतवाली में दर्ज करायी गयी।

अपहरण नहीं गुमशुदा की लिखवायी तहरीर

मृतक बच्चे के पिता दीपू के मुताबिक जब उसने मड़ियांव कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करायी तो उसकी तहरीर को पुलिस ने बदलवा दिया था। दीपू ने बताया कि जब उसने पड़ोसियों के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी तो पुलिस ने उसकी तहरीर को बदलवा दिया उसमें बच्चे के कही गुम हो जाने की बात को लिखवाया। दीपू ने बताया कि पुलिस बच्ची की तलाश मेंं जुटने की बजाय उसको टरकाती रही। दीपू ने बताया कि समय रहते अगर पुलिस एलर्ट हो जाती तो उसकी बच्ची की जान बच सकती थी।

पड़ोसी ने बच्ची को गायब करने की भी दी थी धमकी

मृतक बच्ची के माता पिता दीपू और निशा की माने तो पड़ोस में रहने वाले बृजेश ने उनकी बच्ची को गायब करने की धमकी थी। इसकी शिकायत भी पुलिस से की गयी थी लेकिन पुलिस ने इस शिकायत को नजरअंदाज कर दिया।

पति पत्नी समेत तीन गिरफ़्तार

हालांकि बच्ची की हत्या के बाद उसके पड़ोस में रहने वाले बृजेश और उसकी पत्नी व उसकी बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बारे में लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि जांच सीओ अलीगंज को सौंपी गयी है। हत्या और अपहरण की गुत्थी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सुलझेगी।

दारोगा और एसएसआइ लाइन हाजिर

लक्ष्मी की अपहरण के बाद हत्या के मामले में एसएसपी दीपक कुमार ने प्रथम दृष्टया विवेचक दारोगा वीरपाल सिह एसएसआइ मड़ियांव अमरनाथ सिह को लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी के मुताबिक पुलिस ने तहरीर मिलते ही गुमशुदगी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। हालांकि हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ में गंभीरता नहीं बरतने की बात सामने आई।

जंगल में चरवाहों ने देखा था शव

माल के कोलवां जंगल में रविवार दोपहर बाद बकरियां चराने गए चरवाहों शव को देखा था। बच्ची का शव स्कूल ड्रेस में ही पेड़ पर लटका था। चरवाहों ने इसकी सूचना खड़ग सिह चौकीदार बृजलाल को दी थी। जिसके बाद माल पुलिस को सूचना दी गयी। फॉरेस्ट गार्ड ने इसकी सूचना कोलवां के प्रधान सुंदर लाल को भी दी। इसके बाद प्रधान ने पुलिस को बताया।

गिरफ़्तार दंपत्ति की बेटी भी हुई थी लापता

पुलिस ने बताया कि बीते शुक्रवार को मृतक बच्ची के पिता दीपू ने बृजेश पर अपहरण का आरोप लगाया था। इससे पूर्व में बृजेश ने दीपू पर भी 15 फरवरी को अपनी 17 वर्षीय बेटी को बहला फुसला कहीं ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दीपू से पूछताछ की तो कोई सफलता नहीं मिली इसी बीच 22 फरवरी को बृजेश की बेटी को भिठौली से बरामद कर लिया गया था। जिस पर किशोरी ने बताया कि वह अपनी मर्जी से गयी थी।

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