सपा नेता आजम खां समेत 5 के खिलाफ केस दर्ज, जल निगम में भर्ती घोटाले का है आरोप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल निगम भर्ती घोटाला मामले में बुधवार को सपा के वरिष्ठ नेता और सूबे के पूर्व मंत्री मो. आजम खां, तत्कालीन नगर विकास सचिव एसपी सिंह एवं जल निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पीके आसुदानी समेत पांच लोगों के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इससे पहले मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी।
आजम खां प्रदेश की पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में नगर विकास के मंत्री और जल निगम के अध्यक्ष थे। उस दौरान जल निगम में 1300 पदों पर भर्तियां हुई थी। इसमें सहायक अभियंता के 122 पद, अवर अभियंता के 853, लिपिक के 335 और आशुलिपिक के 32 पद समेत कुल 1300 भर्तियां की गई थीं। आरोप है कि इन भर्तियों के लिए वित्त विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई थी।
प्रदेश की वर्तमान योगी सरकार ने सितंबर महीने में जल निगम भर्ती घोटाले की जांच एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी इंचार्ज आलोक प्रसाद ने अपनी जांच रिपोर्ट अब योगी सरकार को सौंप दी है। इसके बाद उन्होंने बताया कि जांच में आजम खां के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों के पर्याप्त सबूत मिले हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अभियोग चलाने के लिए उनके पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। एसआईटी ने इस मामले में आजम खान के साथ उनके तत्कालीन विशेष कार्याधिकारी आफाक, तत्कालीन सचिव नगर विकास एसपी सिंह, जल निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पीके आसुदानी और जल निगम के तत्कालीन मुख्य अभियन्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इन सब पर जालसाजी, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है।
122 सहायक अभियंता हो चुके बर्खास्त
जल निगम भर्ती घोटाला मामले में जांच के आधार पर अब तक जल निगम के 122 सहायक अभियंता को प्रदेश की वर्तमान सरकार ने बर्खास्त कर दिया था। इससे पहले एसआईटी ने पांच दिसम्बर 2017 को तत्कालीन एमडी पीके आसुदानी से पूछताछ की थी। अब तक इस मामले में आठ अफसरों के बयान एसआईटी दर्ज कर चुकी है। पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। आईएएस अधिकारी एसपी सिंह अब रिटायर हो चुके हैं, वहीं आजम खान के ओएसडी रहे आफाक भी अपना बयान दर्ज करा चुके है।.
जेल जाना पड़ा तो जाऊंगा
इस मामले में आजम खां ने कहा है कि नौकरी दी है, भाई कोई करप्शन का चार्ज नहीं है। न हमारे ऊपर और न उस वक्त के किसी अधिकारी के ऊपर। उन्होंने कहा कि नौकरियां दीं और इस तरह की दी हैं कि हाईकोर्ट ने भी ज्वाइन कराने के आदेश दिए। सपा नेता ने कहा कि अदालतों का फैसला सही है, लेकिन राज नेताओं का फैसला हमारे जैसे लोगों को प्रताडि़त करने का है। नौकरियां देने के जुर्म में अगर जेल जाना पड़ता है तो जाएंगे।

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