कोविड-19 के संक्रमण से बचते हुए शुरू हुई गेहूं की खरीद

लखनऊ। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के साथ सरकारी गेहूं की खरीद बुधवार से शुरू हो गयी। अलग-अलग जिलों के लिए बनाये गये खरीद केन्द्रों पर शुरू हुई खरीददारी के दौरान किसानों को एफपीओ बाजार के माध्यम से भी गेहूं बेचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए खाद्य एवं रसद आयुक्त मनीष चैहान ने बताया कि अलग-अलग एंजेसियों के माध्यम से गेहूं खरीदने का काम कराया जा रहा है। उन्होंने गेहूं खरीद का लक्ष्य 55 लाख मीट्रिक टन से अधिक रखा गया है। इस बार गेहूं प्रति कुंतल के हिसाब से न्यूनतम समर्थन मूल्य 19. 25 प्रति कुंतल निर्धारित की गयी है। उन्होंने बताया गेहूं खरीदने वाली एंजेसियांें के पास अलग-अलग क्रय केन्द्रों की संख्या है इसमें खाद्य विभाग 715, यूपी एग्रो 172 , यूपीपीसीयू 321, एसएफसी 73, कल्याण निगम 116, नेफेड 715, एफसीआई 94, यूपी एस एस 284 और एनसीसीएफ के पास 73 केन्द्र हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ समेत सभी जिलों के ओवरआॅल गेहूं खरीद के आकड़े एक साथ जारी किए जायेंगें।
अभी भी कई किसानों की फसल लगी है खेत में
अधिकारियों के मुताबिक गेहूं खरीद के लिए खोले गय क्रय केन्द्रों पर पहले दिन किसानों की संख्या कम रही। सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए गेहूं की खरीद होनी है। हालांकि अभी हजारों की संख्या में ऐसे भी किसान है जिनकी फसल का काफी हिस्सा कटना बाकी है, कुछ किसानों की फसल खेत में कटी हुई पड़ी है, जबकि कुछ की फसल खलिहान तक चुकी है। ऐसे में गेहूं खरीद की प्रक्रिया लंबा चल सकती है।
किसानों की सुविधा का ध्यान रखने का आदेश
वहीं दूसरी ओर सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने बताया कि गेहूॅ क्रय करने वाली संस्था पीसीएफ,पीसीयू एवं यूपीएसएस के प्रबन्धको को निर्देश दिया है कि क्रय केन्द्रो पर किसानों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नही होने पाये। उन्होंने बताया कि तीनों एजेंसियों के पास मौजूद 3551 क्रय केन्द्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है।

किसानों को अपनी उपज मंडी में लाने की बाध्यता नहीं, बुधवार से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद

लखनऊ। किसानों की ओर से खेतों में उगायी जाने वाली फसल की उपज अब सीधे मंडी लाने के लिए बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए कृषक उत्पादक संगठन अपने सदस्य कृषकों के कृषि एवं उद्यानीकरण या अन्य कृषि आधारित उपज का संग्रहीकरण करते हुए राष्ट्रीय कृषि बाजार के माध्यम से सीधे इलेक्ट्राॅनिक विपणन कर सकते है। इस बात की जानकारी प्रमुख सचिव कृषि डाॅ देवेश चतुर्वेदी ने मंगलवार को दी है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि बाजार प्रणाली में कुछ नयी सुविधायें शामिल की गयी है। जिसके माध्यम से कृषि उत्पादक संगठन स्वयं भी अपनी उपज को सीधे बाजार में बिक्री कर सकते हैं। सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से इन नई सुविधाओं का अधिक से अधिक प्रयोग करने की अपील भी की गयी है। प्रमुख सचिव कृषि ने बताया कि विभाग को प्रोत्साहित किये गये ऐसे कृषि संगठनों को इस सुविधा के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। इससे वे अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय कृषि बाजार की सुविधा का सीधे उपयोग कर सकेंगे। मण्डी परिषद के अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे उनकी पूर्ण सहायता सुनिश्चित करेंगे।
आज से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद
लखनऊ। किसानों की गेहूं की फसल कटने की अधिकांश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में 15 अप्रैल बुधवार से सरकारी गेहूं खरीद की पक्रिया शुरू हो जायेगी। गेहूं खरीद के लिए सभी जिालें में 5500 सरकारी खरीद केन्द्र बनाये गये हैं। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने 55 लाख मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। किसानों को असुविधा न होने पाये इसके लिए जिले स्तर पर जिला प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि विपणन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गयी है।

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