यूपी में किसानों ने भारी संख्या में ट्रैक्टर लेकर भरी हुंकार, लखनऊ में राजभवन को घेरने की कोशिश, राज्यपाल से मिले किसान नेता

केन्द्र सरकार की ओर से लाये गये तीन नये कृषि कानूनो के खिलाफ किसानों ने शनिवार को राजधानी में बड़े स्तर से अपना प्रदर्शन करने की कोशिश की, भारी संख्या में सुल्तानपुर रोड पर करीब 300 ट्रैक्टर लेकर किसान पहुंचे, और राजभवन का घेराव करने के लिए शहर की ओर कूच कर दिया, लेकिन इससे पहले तैनात पुलिस बल ने उन्हें बार्डर पर रही रोक दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में पहुंचे किसानों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कई जगह बैरिकेडिंग की है। हालंकि इन सब के बावजूद बीती रात किसानों के करीब तीन सौ ट्रैक्टर सुल्तानपुर रोड पर कासिमपुर बिरहुआ गांव पहुंच गए थे। जहां से इनकी पूरी योजना राजभवन को घेरने की थी, लेकिन पुलिस ने रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसानों को सुल्तानपुर रोड पर गोसाईंगज के निकट ही रोक दिया गया है। हालांकि किसानों के एक डेलीगेशन ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से लाये गये तीनों कृषि किसानों के हित में नहीं है।

12 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने की राज्यपाल से मुलाकात
राजभवन घेरने लखनऊ पहुंचे किसानों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किसान नेता हरनाम सिंह के नेतृत्व में शनिवार को राजभवन में प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। किसानों ने राज्यपाल से कहा कि तीनों कृषि कानून अन्नदाता के हित में नहीं हैं। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश और लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी राजभवन में मौजूद थे।

मंडल अध्यक्ष के ऐलान के बाद अलर्ट दिखे अधिकारी, नहीं तो जाम से जूझती राजधानी

बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने एलान किया था कि यूपी के सभी जिलों में किसान 23 जनवरी राजभवन का घेराव करेंगे और 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली व जिलों में ट्रैक्टर परेड करेंगे। इस बाबत पुलिस और प्रशासन ने उन्हें लखनऊ आने से रोकने की कोशिश की। किसानों को नोटिस के बाद भी किसान सुल्तानपुर रोड तक पहुंच गये। हालांकि पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की सर्तकता से राजधानी में जाम नहीं लगने पाया अगर भारी संख्या में किसान में प्रवेश कर जाते तो समस्या हो सकती थी।

उन्नाव सीमा और दुबग्गा पर भी रोके गये किसान
सुल्तान पुर रोड के साथ-साथ भारी संख्या में किसानों को दुबग्गा और लखनऊ व उन्नाव बार्डर पर रोक दिया गया, उन्नाव बार्डर पर आये किसान, झांसी और कानपुर देहात समेत कई जिलों के थे, जबकि हरदोई रोड स्थित दुबग्गा पर रोके गये किसान माल, मलिहाबाद, काकोरी, संडीला, हरदोई, शाहाबाद समेत कई क्षेत्रों के थे।