लखनऊ में संचालित हो रहा था हाईस्‍कूल और इंटर कराने वाला फर्जी शिक्षा बोर्ड, एसटीएफ ने सात को दबोचा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने लिए योगी सरकार भले ही तेजी से काम कर रही है, लेकिन मौजूदा समय में अगर पारदर्शिता से शिक्षा के क्ष्ोत्र में चारो ओर से जांच हो जाये तो कितने फर्जी शिक्षक मिलेंगे कितने लोगों को डिग्रियां फर्जी होंगी इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल होगा। अभी तक कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं कि लोग संबधित विश्वविद्याल के नाम की फर्जी डिग्रियां बना लेते थ्ो। लेकिन अब एसटीएफ ने ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो यूपी में एक फर्जी बोर्ड ही पूरी तरह से चला रहा था। इस बोर्ड से डिग्री मार्कशीट जारी कर लोगों से ठगी कर रहा था।

         बोर्ड का ये है नाम-उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद
एसटीएफ को पता चला था कि कि यूपी में उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद नाम को बोर्ड संचालित होता है। जो कि फर्जी वेबसाइट WWW.UPSOSB.AC.IN, WWW.UPSOS.CO.IN, WWW.UPSOS.IN के सहारे ऑन लाइन फर्जी एजूकेशन बोर्ड बनाकर बच्चों को गुमराह कर रहा है। बोर्ड का पूरा नाम उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद है। इस बोर्ड को संचालित करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनायें मिली थी, ये भी जानकारी मिली थी कि यह गिरोह वेबसाइट बनाकर हजारों छात्रों से ऑन लाइन रजिस्टेàशन कराकर ठगी करते थे। गिरोह तक पहुंचने के लिए एसटीएफ अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अभिष्ोक सिंह अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ त्रिवेणी सिंह ने गिरोह को पकड़ने के लिए टीम गठित की। काफी छानबीन के बाद पता चला कि यह तीनो वेबसाईट फर्जी है। जांच में ये भी पता चला कि लखनऊ के थाना इन्दिरानगर अन्तर्गत फरीदीनगर में स्थित उपरोक्त बोर्ड का संचालन किया जा रहा है।
 यूपी समेत कई राज्यों में है नेटवर्क
एसटीएफ को जांच में पता चला कि इस फर्जी बोर्ड के अंतर्गत कई राज्यों में ख्ोल चल रहा है जिसमें बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेष, हरियाणा, कार्नाटक एवं दिल्ली सहित कई राज्यों मे स्टडी सेन्टर बनाकर देश के विभिन्न राज्यों में उक्त बोर्ड से सम्बंधित कार्यालय खोल रखे है। उत्तर प्रदेश में 62 शिक्षण संस्थान इस बोर्ड से मान्यता प्राप्त कर छात्रों को सार्टिफिकेट जारी कर रहे है इसके अतिरिक्त बोर्ड द्बारा ऑनलाइन फार्म भरवाकर कुछ समय पश्चात सार्टिफिकेट जारी कर देते है।

फर्जी वेबसाइट को मेनटेनन्स के लिए प्रबंधक ने रखा था आईटी एक्सपर्ट

एसटीएफ ने जब बोर्ड के बारे में पता किया तो जांच में पाया कि इस फर्जी बोर्ड का प्रबन्धक राजमन गौड़ है। उसने ही वेबसाइट के मेनटेनन्स के लिये एक आईटी एक्सपर्ट नियुक्त कर रखा है। जो डेटाबेस प्रबन्धन का कार्य देखता है अपनी मर्जी से डेटाबेस मे छात्रों के अंकपत्रों में नम्बर अंकित करता है। जनता को गुमराह करने के लिए फर्जी नोटिफिकेशन व मान्यता दिखाकर ठगी का कार्य करतंे है इनके द्बारा छात्रों को भ्रमित करने के लिए वेबसाइट पर ही पंजीकरण संख्या एवं प्रतिष्ठत व्यक्तियों कि फोटो वेबसाइट पर डाल रखा है। फर्जी तरीके से वेबसाइट पर इण्डिया, स्वच्छ भारत अभियान का लोगो वेबसाइट पर दिया है, आई०एस०ओ० 9००1 का प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से प्राप्त कर अपनी वेबसाइट पर अंकित कर रखा है।

           शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बोर्ड को बताया फर्जी
राज्य मुक्त विद्यालय परिषद फर्जी बोर्ड के सम्बन्ध में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता की गयी तो उनके द्बारा बताया गया कि इस नाम से कोई बोर्ड की मान्यता शिक्षा विभाग के द्बारा प्रदान नही की गयी हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड के बारे में पुष्टि होने के बाद एसटीएफ और भी पूरी तरह से सक्रिय हो गयी। जिसके बाद एसटीएफ को पता चला कि इस गिरोह के लोग कहां मिल सकते हैं। हालांकि इस दौरान प्रबंधक की हिम्मत को देखकर अधिकारी हैरान भी हुए।

         एसटीफ की जांच के दौरान ही भागने की फिराक में था प्रबंधक
इधर एसटीएफ कई दिनों से इस गिरोह को पकड़ने के लिए एक-एक कड़ी जोड़ रही थी उधर बोर्ड का प्रबंधक बोरिया बिस्तर बांधकर भागने की फिराक में था। लेकिन एसटीएफ ने पहले ही उसे धर दबोचा। एसटीएफ एसपी अभिष्ोक सिंह ने बताया कि टीम को जानकारी मिली थी कि रहेजा हाउस, मानस तिराहा फरीदी नगर थाना इन्दिरानगर में फर्जी बोर्ड के संचालन राजमन गौड़ अपने कार्यालय का सम्पूर्ण कागजात व इलेक्ट्रानिक्स उपकरण के साथ आफिस बन्द कर भागने की फिराक में है। इस सूचना के आधार पर थाना इन्दिरानगर व एसटीएफ की संयुक्त पुलिस टीम सात अभियुक्तों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ एसपी अभिष्ोक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ इंदिरानगर थाने में -78/2०18 धारा 419/42०/467/468/471 में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

प्रबंधक चलाता है फर्जी तरीके से माइक्रो फाइनेंस कंपनी   

एसपी अभ्‍िाषेक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछतांछ से पता चला कि प्रबन्धक राजमन गौड के द्बारा फर्जी माइक्रो फाइनेन्स कम्पनी भी खोल रखी है जिसके माध्यम से भारी संख्या में लोगांे को आर्थिक रूप से ठगी कर रहा है फाइनेन्स कम्पनी से सम्बन्धित बेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम का प्रमाण पत्र देने वाली कम्पनी की भी जाँच की जा रही हैं इसके अलावा पुछताछ पर यह भी ज्ञात हुआ कि जौनपुर निवासी अनवर जो की पुर्व में इनके फर्जी बोर्ड का छात्र रहा हैं के द्बारा पासपोर्ट का प्रत्यावेदन किया गया तो उक्त छात्र को पासपोर्ट कार्यालय द्बारा बताया गया कि आपका अंक पत्र फर्जी हैं। इसके अतिरिक्त यह भी पता चला कि विभिन्न राज्यों में उक्त बोर्ड के फर्जी मार्कशीट व सर्टिफिकेट के आधार पर अभ्यार्थियो द्बारा सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली गयी है।
 एसटीएफ ने प्रबंधक समेत इनको किया गिरफ्तार
1-राजमन गौड पुत्र कैलाश नाथ गौड निवासी हालपता-०5 रहेजाहाउस मानस तिराहा फरीदी नगर थाना इन्दिरा नगर जनपद लखनऊ स्थाई पता ग्राम रवनिया थाना बरदह जनपद आजमगढ
2-कनिकराम शर्मा पुत्र राम कुबेर शर्मा उर्फ झिनकान निवासी भदावल थाना हर्रया जिला बस्ती।
3-सुनील शर्मा पुत्र राम कुबेर शर्मा उर्फ झिनकान निवासी भदावल थाना हर्रया जिला बस्ती।
4-नीरज शाही पुत्र नागेन्द्र शाही निवासी ग्राम भरवल पोस्ट बेंलीपथ थाना बेलीपार जनपद गोरखपुर।
5-जितेन्द्र गौड पुत्र कैलाश नाथ गौड निवासी हालपता-०5 रहेजा हाउस मानस तिराहा फरीदी नगर थाना इन्दिरानगर जनपद लखनऊ स्थाई पता ग्राम रवनिया थाना बरदह जनपद आजमगढ
6-राधेश्याम प्रजापति पुत्र पारस नाथ प्रजापति निवासी खर्गीपुर थाना बरदह जनपद आजमगढ
7-नीरज प्रताप सिंह पुत्र बीरेन्द्र प्रताप सिंह निवासी हालपता-०5 रहेजाहाउस मानस तिराहा फरीदी नगर थाना इन्दिरानगर जनपद लखनऊ।

 

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