लखनऊ के बलराम पुर अस्पताल में दी जा रही थी एक्सपायरी दवाएं

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लखनऊ। डॉ. धरती का भगवान तो अस्पताल एक राहत का केन्द्र माना जाता है। लेकिन प्रदेश की राजधानी के अस्पताल में एक्सपायरी दवाएं मरीजों का दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ये खुलासा किसी मरीज ने नहीं बल्कि एफडीए ने किया है। एफडीए के अधिकारी रामशंकर ने बताया कि बलरामपुर अस्पताल की दवा में कंपनी की लेबलिग, एक्सपायरी और मैन्यूफ़ेक्चरिग डेट और मात्र आदि में गड़बड़ी मिली है। ऐसे में ये एक चिंता का विषय भी है कि जिस बलराम पुर अस्पताल पर लखनऊ समेत प्रदेश के तमाम जिलों के लोगोंं की जिम्मेदारी है वहां इस तरह सकी दवाएं दिया जाना और सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त किए जाने के दावों की भी पोल खोलता है। मरीज डा. की बातों पर भरोसा कर उसके हाथों से विश्वास करके दवा लेता है। यहां एक रुपए के पर्चे में गरीब हो या अमीर सभी को इलाज मिलता है। ऐसे में इसके पीछे दोषी कौन है इस बारे में जांच का भी एक अहम विषय है।
एफडीए की जांच में यहां भी मिली गड़बड़ी
-दर बाजार स्थित लीला फार्मा की आयरन की लिक्विड दवा ‘फ़ेटन एक्सटी’ का मानक ही नहीं निकला
-लोहिया अस्पताल के सामने स्थित लखनऊ फार्मा के दो और पीजीआइ के ‘वी दास केमिस्ट’ के दो सैंपल फेल
– चनहट स्थित ‘पांडेय मेडिकल’ स्टोर में भी सैंपल मिस ब्रांड पाये गये हैं।

सभी को जारी हुई नोटिस
इस बारे में एफडीए अधिकारी रामशंकर ने बताया कि सभी को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी का डिसक्लोजर किया जाए। अगर कंपनी डिसक्लोजर नहीं करती है तो हम प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करेंगे। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा जायेगा।

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