यूरोपीय सांसदों ने कहा कश्मीर में हालात बेहतर, भारत को बताया शांतिप्रिय देश

न्यूज डेस्क। जम्मू कश्मीर में दौरे पर आये यूरोपीय सांसदों ने कहा कि केन्द्र सरकार के कदम से जम्मू कश्मीर हालात बेहतर हैं, हम आंतकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ हर कदम पर खड़े हुए हैं। यूरोपीय सांसदों ने दो दिनों के दौरे के बाद बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर भारतीय मीडिया से बातचीत की और सवालों का भी जवाब दिया। इस दौरान यूरोपीय सांसदों ने अनुच्छेद 370 को आंतरिक मामला भी बताया। सांसदों ने कहा ये भारत का आंतरिक मामला है।
सांसदों ने कहा कि कश्मीर में परिवर्तन के बाद अब यहां के लोगों को काफी उम्मीदे हैं और हम भी चाहते हैं यहां स्कूल कॉलेज और अस्पतालों की संख्या बढ़े लोगों का विकास हो।
सांसदों ने कहा तथ्य लेने आये हैं राजनीति ठीक नहीं
सांसदों ने कहा कि हमारे दौरे को राजनीतिक नजर से देखा गया, जो बिल्कुल ठीक नहीं है. हम सिर्फ यहां पर हालात की जानकारी लेने आए थे, जो कि काफी बेहतर हैं। सांसदों ने कष्मीर में केन्द्र सरकार की ओर से उठाये गये हर कदम को भी जरूरी बताया है।
ओवैसी के बयान पर दिया जवाब
सांसदों ने ओवैसी के बयान का भी जवाब दिया है। सांसदों ने कहा कि हम लोग नाजी लवर्स नहीं हैं, अगर हम होते तो हमें कभी चुना नहीं जाता।
कांग्रेस ने फिर साधा निशाना
यूरोपीय सांसदों के इस दौरे पर कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को भी वहां नहीं जाने दिया गया था, ना ही राहुल गांधी को इजाजत दी गई. म्न् सांसदों पर उन्होंने कहा कि एक एनजीओ का इस तरह च्डव् तक पहुंचना हैरान करता है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने इस मसले को अंतरराष्ट्रीय बना दिया है.
यूरोपीय सांसदों ने इस तरह से कश्मीर में बिताया समय
-यूरोप के 23 सांसद जम्मू कश्मीर पहुंचे थे।
-इन सांसदों ने स्थानीय नेताओं, अधिकारियों, सरपंचों से मुलाकात की
-वर्तमान हालातों पर चर्चा की साथ ही स्थानीय लोगों से भी बात की।
-सभी सांसद श्रीनगर की मशहूर डल झील भी गए थे
– कश्मीर घाटी के हालात पर इन सांसदों को भारतीय सेना ने प्रेजेंटेशन भी दी।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से चर्चा भी की
श्रीनगर जाने से पहले इन सांसदों के दल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भी जम्मू-कश्मीर के हालात पर विस्तार से चर्चा हुई थी। जिसमें बताया जा रहा है डोभाल से सांसदों कश्मीर के बारे में पूछा तो वर्तमान स्थिति के बारे भी बताया गया था।
कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने किया सांसदों का विरोध
बता दें कि यूरोपीय सांसद भी कश्मीर के हालात से वाकिफ हो चुके हैं वहां के हालात मीडिया के सामने बेहतर बताया है बावजूद उसके विपक्ष के ये सब गले नहीं उतर रहा है। विपक्ष अपने अपने बयान देने में जुटा हुआ है। बताया जा रहा है विरोध का कारण था कि भारत सरकार के द्वारा कई विपक्षी दलों के नेताओं के कश्मीर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी लेकिन इन सांसदों को ये मौका मिला, ऐसे में कांग्रेस ने सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए थे। उधर ओवैसी ने भी सांसदों पर टिप्पणी की तो बुधवार को प्रेस कान्फ्रेस में सांसदों ने इसका करारा जवाब भी दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.