निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, तीन हजार करोड़ का होगा निवेश

लखनऊ। सरकार की ओर से तैयार हुए अधिनियम के तहत प्रदेश भर में निजी विश्वविद्यालय आसानी से स्थापित किए जा सकेंगे। इससे सभी जिलों में शिक्षा का व्यापक प्रसार तो होगा ही साथ में विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा पाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। मंगलवार को आशय पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। साथ ही, इससे बड़े पैमाने पर रोजगार भी बढ़ेगा।
निजी शिक्षा शिक्षण संस्थानों की भूमिका अहम
प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभा रही है, यही कारण है कि सरकार का पूरा ध्यान इस ओर केन्द्रित है। वहीं निजी शिक्षण संस्थानों की भी शिक्षा में अहम भूमिका है, इसलिए सरकार निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है। ये बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कही। मुख्यमंत्री अपने 5 कालीदास मार्ग स्थित आवास पर निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए आयोजित ‘आशय पत्र’ वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई विश्वविद्यालय,महाविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थान स्थापित किये जा रहे हैं। प्रदेश के विद्यार्थियों को अच्छी और गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा सुलभ कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से आज इस कार्यक्रम में 28 निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए आशय पत्र निर्गत किये जा रहे हैं। इस मौके पर 28 निजी संस्थानों के चेयरमैन व प्रमुख भी शामिल हुए।
तीन वर्षों में स्थापित हुए 28 निजी विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 से 2017 तक प्रदेश में कुल 27 निजी विश्वविद्यालय ही स्थापित किये जा सके, जबकि वर्तमान सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में 28 नये निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार 1947 से वर्ष 2016 तक प्रदेश में मात्र 12 मेडिकल काॅलेज ही मौजूद थे, जबकि पिछले तीन वर्षो के दौरान प्रदेश में 29 नये मेडिकल काॅलेज स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने निजी क्षेत्र में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना की सम्भावनाओं को तलाशने का भी सुझाव दिया।
शिक्षा में नयापन लाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से कहा शिक्षा में नयापन लाने जरूरत है। उन्होंने शोध को भी बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालय विश्व के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों की सूची लेकर उनके साथ एमओयू साइन करें और एक-दूसरे के नाॅलेज पार्टनर बनें। इससे विद्यार्थियों का काफी भला होगा।
रोजगार के लिए प्लेसमेंट सेल की स्थापना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे विश्व में भारतीय बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उन्हें भी नाॅलेज पार्टनर बनाने की सम्भावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों को अपने शिक्षण संस्थानों में प्लेसमेंट सेंटर स्थापित करने के लिए कहा, ताकि विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित करें। उन्होंने प्रदेश में पूर्व से मौजूद निजी विश्वविद्यालयों, राजकीय विश्वविद्यालयों तथा प्रस्तावित विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों को आपस में समन्यव स्थापित करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने का सुझाव दिया।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हुआ शिक्षा में सुधार
लखनऊ। इस मौके पर उपस्थित मुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा ने कहा प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 17 राज्य विश्वविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा डाॅ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन ओपन यूनिवर्सिटी, प्रयागराज की भी स्थापना की गयी है। इस प्रकार राज्य में राजकीय क्षेत्र के 19 विश्वविद्यालय तथा निजी क्षेत्र के 27 विश्वविद्यालय संचालित हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला।

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