यूपी के आईटी क्षेत्र में 55 हजार करोड़ के निवेश से 3 लाख लोगों को रोजगार, 25 एमओयू साइन

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लखनऊ। इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 25 ऐसे एमओयू साइन किए गये हैं जिससे यूपी के आईटी क्षेत्र में 55 हजार करोड़ का निवेश होगा। वहीं इस निवेश के बाद तीन लाख लोगों को रोजगार भी मिलेगा। बुधवार को समिट के दौरान केन्द्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा एवं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं आईटी एण्ड इलेक्ट्रानिक्स मंत्री डा. दिनेश शर्मा की उपस्थिति में 25 एमओयू साइन किए गये। जिसमें अलग-अलग इलेक्ट्रानिक इकाइयों की ओर से 55,००० हजार करोड़ रुपये के निवेश किया जायेगा।
निवेशकों के लिए होगा कानून का सरलीकरण
इस मौके पर केन्द्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत सरकार निवेशकों की शिकायतों एवं कर कानूनों के सरलीकरण के संबंध में उनकी भावनाओं एवं विचारों को केन्द्रीय वित्त मंत्री एवं प्रधानमंत्री से अवगत कराते हुये उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 3 सालों में दूर संचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
एक लाख गावों तक पहुंची है इंटरनेट की कनेक्टिविटी
संचार मंत्री ने कहा कि एक लाख गांवों तक इन्टरनेट कनेक्टविटी अब तक पहुॅच गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की उत्तर प्रदेश और राज्यों की तुलना में इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में तीव्र गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार को हर प्रकार के सहयोग का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में निवेशकों का उत्तर प्रदेश में दिलचस्पी दिखाना प्रदेश सरकार द्बारा किये गये प्रयासों के विश्वास का द्योतक है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार हो तो विकास में अधिक गति आती है तथा किसी तरह का गतिरोध उत्पन्न नहीं होता है।
आर्थिक विकास के लिए प्रयत्नशील है प्रदेश सरकार- डिप्‍टी सीएम
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ’’द राइजिग आफ इलेक्ट्रानिक सेक्टर इन उत्तर प्रदेश क्रिएटिग हब टू सर्व द वर्ल्ड’’ विषय पर अपने विचार रखते हुये कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ जनसामान्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिये प्रय‘शील है तथा राज्य में सम्भावित निवेशकों एवं उद्योगों को एक स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने तथा प्रक्रियागत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये विभिन्न उपाय किये हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन कैसे हो तथा पूंजी निवेश कैसे आये, इसके लिये श्रम कानूनों का सरलीकरण किया है तथा फैक्ट्रियों में तीनों शिफ्टों में कार्य करने हेतु अनुमति प्रदान की गई है।
अपने सम्बोधन में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रोद्यौगिकी उद्योगों तथा स्टार्ट अप क्षेत्र के लिये ’’उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति’’ तथा ’’उत्तर प्रदेश सूचना प्रोद्यौगिकी एवं स्टार्ट अप नीति-2०17’’ प्रख्यापित की गई है। इसका लक्ष्य निवेशकों को अनुकूल परिवेश प्रदान करके उत्तर प्रदेश को भारत में सर्वाधिक वरीयता वाले निवेश गन्तव्य के रूप में स्थापित करके विकास को प्रोत्साहन प्रदान करना है। इसके लिये निवेशकों को राज्य में ईएसडीएम इकाइयों के स्थापना के लिये सिगल विडो सहायता प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिये लैण्ड बैंक की स्थापना की गई है। नोयडा, ग्रेटर नोयडा तथा यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र को इलेक्ट्रानिक्स मैनुफैक्चरिग जोन(ईएमजेड) घोषित किया गया है तथा सभी अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
सरकार द्बारा ईएसडीएम इकाइयों को छूट
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्बारा ईएसडीएम इकाइयों को रियायती दर पर भूमि, पूंजी उपादान, ब्याज उपादान, स्टाम्प ड्यूटी की छूट, तथा जीएसटी की प्रतिपूर्ति इत्यादि विभिन्न प्रोत्साहन होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिग क्लस्टर्स की स्थापना परिलक्षित है। यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर 24 स्थित भूखण्ड संख्या-०6 ए पर इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिग क्लस्टर की स्थापना हेतु भारत सरकार का अन्तिम अनुमोदन प्राप्त हो गया है। ग्रेटर नोयडा के ईकोटेक-०6 में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिग क्लस्टर की स्थापना हेतु ’’स्टीयरिग कमेटी फॉर क्लस्टर्स’’ द्बारा भारत सरकार का अन्तिम अनुमोदन प्रदान करने हेतु निर्णय ले लिया गया है। इस क्लस्टर में चीन तथा ताईवान की कम्पनियों द्बारा लगभग रु० 3,००० करोड़ का निवेश कर अपनी उत्पादन इकाइयॉ स्थापित की जायेंगी। मार्च 2०18 से इस क्लस्टर का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाना लक्षित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2०22 तक प्रदेश में तीन लाख व्यक्तियों के लिये रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जायेगा।

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