शिक्षा मित्रों को भी मिली है सुप्रीम कोर्ट से राहत, बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा न्यायालय के आदेश का पालन किया जायेगा

न्यूज डेस्क। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार की ओर से तय मेरिट को सही माना है। साथ ही बढ़ी हुई कटआॅफ के आदेश पर नियुक्ति करने का आदेश दिया है। इस निर्णय को सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पूर्व में तैनात शिक्षा मित्रों को अगली जब भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो तो उसमें इनको एक मौका जरूर दिया जाये। जिस पर बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी ने भी अपनी ओर से जारी बयान में कहा कि न्यायालय के इस आदेश को ध्यान में रखा जायेगा और अगली भर्ती जब भी सरकार उसमें शिक्षा मित्रों को जरूर मौका देगी।

चयनित अ​भ्यर्थियों को दी बधाई
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) डॉ0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आज दिये गये निर्णय का स्वागत करता हूं और सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकानाये देता हूँ। उन्होने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त हुआ है और इस फैसले का दूरगामी परिणाम होगा।

गांव, गरीब और मजदूर का अधिकार है शिक्षा
डा0 द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रारूप पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मुहर लगा कर पूरे देश में ये संदेश दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर गांव, गरीब, मजदूर, किसान का अधिकार है जिसको ध्यान में रखते हुए वर्तमान सरकार कार्य कर रही है। डा0 द्विवेदी ने कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभााग द्वारा 69 हजार शिक्षक भर्ती में से 31 हजार 227 पदों पर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हैंए शेष पदों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय प्राप्त होते ही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शीध्र पूरी की जायेगी। उन्होने कहा कि शिक्षामित्रों के सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षक भर्ती में एक और अवसर दिये जाने का जो निर्देश दिया गया है उसका स्वागत करता हॅू और अगली जो भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया होगी उसमें शिक्षामित्रों को एक और अवसर प्रदान किया जायेगा।