ईको फ्रेंडली होंगी उत्तर प्रदेश की सड़कें, पीडब्ल्यूडी में होगा सुधार

लखनऊ। प्रदेश की सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता अब तेजी से सुधरेगी जिससे सड़के ईको फ्रेंडली होगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली में भी सुधार होगा। ये जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में आयोजित सड़क निर्माण कार्यशाला के दौरान कही। यूनिवर्सिटी के भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में आयोजित लोक निर्माण विभाग की ओर से इस कार्यशाला के दौरान अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने की। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में लोक निर्माण मंत्री बिहार नंद किशोर यादव तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार उपस्थित थ्ो। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश तथा विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक उपस्थित हुएं है इनके द्बारा जो सड़क निर्माण की नई तकनीक के सम्बध में विचार मंथन हुआ है उसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा।
यूपी में होगा क्रप्शन लैस होगा निर्माण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को किसी भी सूरत में डरने की जरूरत नहीं है। ऐसे में सड़का का निर्माण क्रप्शन लैस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बनने वाली सड़कें सस्ती व टिकाऊ होगीं। श्री मौर्य ने अधिकारियों को आह्वान किया कि उन्हें डर कर काम करने की जरुरत नहीं है। निडरता एवं दृढ़ता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि हमें क्रप्शन नहीं कंट्रक्शन चाहिए। उन्होंन्ो कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश की जो सड़कें है उनकी गुणवत्ता में सुधार हो, टिकाऊ हों और कम लागत लगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर सड़क बनवाने में नयी तकनीक का प्रयोग हुआ है जिसमें अच्छे परिणाम मिलें हैं। आज की कार्यशाला से जो तकनीक निकलकर आएगी उसका प्रयोग प्रदेश की सड़कों के निर्माण में किया जाएगा।
छोटे मोटे गड्ढे रोकने के लिए रोड एंबुलेंस कारगर
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार के लोक निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि सड़क निर्माण में नवीनतम तकनीक का बहुत ही महत्व है हमें उच्च गुणवत्ता की सड़कों के निर्माण के साथ ही साथ हो रही दुर्घटनाओं को भी कम करने का प्रयास करना चाहिए। बिहार में सड़क सुरक्षा के प्रयासों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि सड़कों के छोटे-मोटे गड्ढे रोकने के लिए रोड एम्बुलेंस काफी कारगर सिद्ध हुई है इससे छोटे-मोटे गड्ढे ठीक करने के साथ-साथ तत्काल सूचनाओं के आदान-प्रदान से दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने में शीघ्रता होती है।
सड़क तकनीक पर होती रहनी चाहिए कार्यशाला
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन पहली बार हुआ है। ये अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की रोड तकनीक श्रृंखला की पहली कड़ी है। इसका लाभ तभी है जब आगे भी इस प्रकार की नयी सड़क तकनीक पर कांफ्रेंस होती रहे क्योंकि इससे जो ज्ञान की गंगा बहती है उसका लाभ सभी को होता है। उन्होंने कहा कि यदि हम सड़कों के निर्माण हेतु नयी तकनीक अंगीकृत करते हैं तो ऐसा करने से कम लागत में भी अधिक टिकाऊ सड़कें बनतीं हैं जो पर्यावरण के लिए लाभकारी हैं क्योंकि इसमें कम मात्रा में कंकरीट आदि की जरुरत होती है तथा पॉलीथीन जैसा वेस्ट मैटेरियल उपयोग होता है।

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