कोविड-19 को डीआरडीओ की मोबाइल लैब देगी मात, रक्षामंत्री ने किया उद्घाटन, ये है खासियत

लखनऊ। भारतीय सेना जहां देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही हैं, वही दूसरी ओर कविड—19 को कड़ी टक्कर देने के लिए डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित मोबाइल लैब भी अब तैयार है। जो प्रतिदिन एक हजार से लेकर दो हजार तक कोरोना कोविड—19 संक्रमित टेस्ट करेगी। इस इस लैब का गुरूवार को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उद्घाटन भी किया है।
इस संबंध में लखनऊ से मध्यकमान की सेना प्रवक्ता गार्गी मलिक सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस लैब को तैयार करने में डीआरडीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ—साथ ईएसआईसी अस्पताल, हैदराबाद और निजी उद्योगों को भी मदद मिली है। उन्होंने बताया कि इस लैब की शुरूआत भी हो चुकी है। उन्होने बताया कि रक्षा मंत्री ने गुरूवार को वायरोलॉजी रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक्स लेबोरेटरी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस लैब की शुरूआत की है। संबंधित अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को अनुसंधान केंद्र इमरत (आरसीआई) की ओर से विकसित किया गया था, जो ईएसआईसी हॉस्पिटल, हैदराबाद के परामर्श से डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला है। मोबाइल वायरल रिसर्च लैब एक बीएसएल 3 लैब और बीएसएल 2 लैब का संयोजन है जो गतिविधियों को पूरा करने के लिए आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए डब्ल्यू एचओ और आईसीएमआर जैव-सुरक्षा मानकों के अनुसार प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाता है। सिस्टम ने विद्युत नियंत्रण, लैन, टेलीफोन केबलिंग और सीसीटीवी में बनाया है।

कोविड—19 के खिलाफ प्रधानमोदी का सराहनीय कदम—राजनाथ
इस मौके पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई सामयिक निर्णय लिए हैं जिसके कारण देश में कोविड—19 का प्रसार अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाये वह कम है। उन्होंने कहा कि कोविड—19 से भारत जीतेग हर हाल में जीतेगा। इस मौके पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी, संतोष कुमार गंगवार केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री, के.टी. रामा राव केंद्रीय उद्योग मंत्री, मुनीपाल भी उपस्थित थे। प्रशासन और शहरी विकास, तेलंगाना सरकार, मल्ल रेड्डी माननीय श्रम मंत्री, तेलंगाना सरकार और डॉ जी सतेश रेड्डी सचिव डीडीआर और डी एंड अध्यक्ष डीआरडीओ भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने 15 दिनों के रिकॉर्ड समय में इस बायो-सेफ्टी लेवल 2 और लेवल 3 लैब की स्थापना की सराहना की, जिसमें आमतौर पर लगभग छह महीने का समय लगता है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण सुविधा जो एक दिन में 1,000 से अधिक नमूनों को संसाधित कर सकती है, कोविड—19 से लड़ने में देश की क्षमताओं को बढ़ाएगी।
कहीं भी लैब को जरूरत के हिसाब से भेजा जा सकेगा
मोबाइल लैब कोविड—19 के निदान को अंजाम देने में सहायक होगी और ड्रग स्क्रीनिंग के लिए संस्कारित वायरस, कंवलसेंट प्लाज्मा व्युत्पन्न थेरेपी, कोविड—19 रोगियों की व्यापक प्रतिरक्षा प्रोफाइलिंग जो कि वैक्सीन के विकास के लिए भारतीय जनता के लिए विशिष्ट क्लिनिकल परीक्षण है। प्रयोगशाला प्रति दिन 1000-2000 नमूनों की जांच करती है। इस लैब को आवश्यकता के अनुसार देश में कहीं भी तैनात किया जा सकता है।

सशस्त्र बल का बढ़ाया हौसला
इस दौरान राजनाथ सिंह सशस्त्र बलों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हमारे सशस्त्र बल कई तरह से योगदान दे रहे हैं – जैसे संगरोध केंद्रों की स्थापना, स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना, भारतीय नागरिकों को अन्य देशों से बाहर निकालना आदि -कोविड—19 से लड़ने के लिए और ये प्रयास जारी रहेंगे।

ये है लैब की खासियत

—देश की पहली मोबाइल रिसर्च है ये लैब
—इसे किसी भी समय कहीं पर भी तैनात किया जा सकता है।
—त्रसादी या अन्य महामारी होने पर इसका उपयोग किया जा सकेगा।
—एक से दो हजार तक प्रतिदिन हो सकेंगे टेस्ट
—डॉक्टरों और कर्मचारियों की पूरी सुरक्षा का रखा गया है ख्याल
—कोविड—19 की स्क्रीनिंग में तेजी से काम करेगी लैब
— इस लैब में डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन का पालन किया गया है।
—आईसीएमआर जैव सुरक्षा के मानकों का भी ध्यान रखा गया है।
—लैब में ​बिजली संबंधी कोई समस्या नहीं होगी।

Posted By-Ravi

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