ट्रॉमा सेंटर को अपनी नेटवर्किंग में रखे डॉक्टर, मरीजों को रेफर करने में नहीं होगी दिक्कत

लखनऊ। सभी चिकित्सक अगर अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले ट्रॉमा सेंटर के नेटवर्क में रहें तो इमरजेंसी में किसी भी मरीज को रेफर करने में समस्या नहीं आयेगी। ये बात किंग जार्ज चिकित्स विश्वविद्यालय केजीएमयू में आयोजित 17वीं एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग कार्यशाला में प्रदेश के कोने-कोने से आये प्रतिभागियों ने कही। इस कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागी उत्तर प्रदेश ही नहीं वरन दूसरे प्रदेशों से भी आए थे, जिसमें हरियाणा, कोलकाता, रायपुर, गोरखपुर, मुरादाबाद एवं लखनऊ के प्रतिभागी मुख्य रूप से शामिल रहे। इस मौके पर सभी प्रतिभागियों को जीवन रक्षक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक एवं क्रियाशील प्रशिक्षण देने के साथ-साथ इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि वह अपने-अपने क्षेत्रों के ट्रॉमा सेंटर को चिन्हित करें और उनकी नेटवर्किंग का प्रयास करें। जिससे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर करते समय मरीज को भटकना न पड़े तथा रेफर किये जाने के उपरांत उसे कम से कम समय में उचित उपचार दिया जा सके ।
मरीज के रेफर में बरती जाये सावधानी
प्रतिभागियों ने ये भी कहा कि स्थानांतरण के समय मरीज के शरीर को सावधानी के साथ उठाएं जिससे उसका कोई और अंग चोटिल न हो जाए। इस बार प्रतिभागी उत्तर प्रदेश के बाहरी क्षेत्र से भी आए थे तो इस बात पर भी जोर दिया गया कि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी एक समान इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके।
अपने क्षेत्रों में भी प्रतिभागी करें प्रेरित
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएलबी भटट् ने सभी प्रतिभागियों को कोर्स पूरा करने पर बधाई देते हुए उन्हें इस बात के लिए प्रेरित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अन्य लोगों को प्रशिक्षित करें, जिससे अन्य लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।
प्रशिक्षक के रूप में और इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल के निदेशक डॉ. विनोद जैन, ट्रॉमा सर्जरी विभाग डॉ. समीर मिश्रा, राम मनोहर लोहिया आर्युविज्ञान संस्थान के डॉ. विकास सिंह और डॉ. नेहा ठाकुर, कमांड अस्पताल के कर्नल विकास चावला, के.जीएमयू प्लॉस्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. दिव्य नारायण उपाध्याय, ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉ. संतोष कुमार, सर्जरी विभाग के डॉ. अजय पाल, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. हेमलता, इंडोक्राइन सर्जरी विभाग के डॉ. कुलरंजन आदिएस आईपीएस से डॉ. राजकुमार मिश्रा, मुख्य रूप से उपस्थित रहे तथा उक्त कोर्स की को-आर्डिनेटर शालिनी गुप्ता थी।

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