Defence expoसमंदर का सिकंदर आईएनएस विक्रमादित्य युद्धपोत पर होगा तैनात, बढ़ेगी सेना की ताकत

लखनऊ। भारतीय थल सेना के बाद नौ सेना ने भी कानपुर की लघु शस्त्र निर्माणी एसएएफ में बनने वाली मशीन गन का बड़ा ऑर्डर दिया है। इस गन को समंदर का सिकंदर कहे जाने वाले आईएनएस विक्रमादित्य युद्धपोत पर भी तैनात किया जाएगा। रिवाल्वर से लेकर कारबाइन बनाने वाली एसएएफ की मैगगन, मशीन गन विश्वस्तरीय हथियार है। भारतीय थल सेना इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती है। नौ सेना की ओर से भी मैगगन का ऑर्डर मिला है। अधिकारियों ने बताया कि नौ सेना के पास कई मशीनगन हैं। इसके बाद भी एसएएफ की मशीनगन पर भरोसा जताना गर्व की बात है। ऑर्डर मिल गया है, जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा।
मशीन गन एमएजी की खासियत
कैलिबर 7.62 गुणा 51 एमएम
लेंथ  1255 एमएम
वजन 11 किलोग्राम बिना मैग्जीन के
रेंज 1800 मीटर करीब 2 किलोमीटर
रेट ऑफ  फायर 650-1000 राउंड प्रति मिनट
निशंक रिवाल्वर करेगी 50 मीटर तक मार
देश की पहली .32 बोर श्रेणी में सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली निशंक में गामा स्प्रिंग का उपयोग हुआ है जिससे नई रिवाल्वर आसानी से चलेगी। 50 मीटर दूरी तक किसी भी लक्ष्य को ध्वस्त करने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता 60 से 70 मीटर तक करने के प्रयास हैं। अभी तक रिवाल्वरों की मारक क्षमता 15 मीटर तक थी। मेक इन इंडिया के तहत यह पूरी तरह स्वदेशी है। नई डिजाइन में रिवाल्वर सेक्शन के श्रीराम विश्वकर्मा का खासा योगदान रहा।
निशंक की खासियत
कैलिबर 7.65 एमएम .32 बोर
वजन 740 ग्राम बिना गोलियों के
रिवाल्वर की लंबाई 177.8 एमएम
बैरल की लंबाई 87.2 एमएम
रेंज 50 मीटर
जल्द आएगी चिप लगी रिवाल्वर
निर्माणी के अधिकारियों ने बताया कि कि चिप लगी रिवाल्वर का फील्ड ट्रायल शुरू हो गया है। रिवाल्वर की ग्रिप पर बायोमीट्रिक चिप लगी होगी। जिसे आसानी से नहीं देखा जा सकेगा। अगले दो महीने में इस रिवाल्वर को बाजार में उतारने की तैयारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

fifteen − seven =