बेटी निर्भया को मिला इंसाफ, चारो आरोपियों को तय समय पर हुई फांसी, देर रात तक सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

न्यूज डेस्क। भारत की बहादुर बेटी निर्भया को इंसाफ मिल गया है, आज शुक्रवार की सुबह तय समय साढ़े पांच बजे फांसी दे दी गयी है। इस बारे में दिल्ली के तिहाड़ जेल प्रशासन ने भी पुष्टि कर दी है। चारो आरोपियों के पोस्टमार्टम की व्यवस्था पहले ही कर दी गयी थी। दोषियों को फांसी होने के बाद जेल के बाहर जमा भीड़ ने कानून जिदंाबाद के नारे लगाते हुए निर्भया के मॉ जो इस केस में पिछले सात सालों से संघर्ष कर रही थी उनको बधाई दी। वहीं निर्भया की मां आशा देवी ने निर्भया की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा कि बेटी तुझे इंसाफ मिल गया।
पांच बजकर 30 मिनट पर लटकाये गये आरोपी
सभी आरोपी अक्षय, पवन, मुकेश और विनय को जेेल मैनुअल के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर चौथे डेथ वारंट के तहत फांसी दी गयी है। खबर को लेकर देर रात सभी न्यूज चैनलों को बुलेटीन खुले रहे।

मिनट टू मिनट इस तरह से चली प्रक्रिया

  • पांच बजकर 28 मिनट पर दोषियों के गले में फंदा
  • पांच बजकर 23 मिनट पर पवन जल्लाद ने लीवर की कमान संभाली
  • पांच बजकर 13 मिनट पर दोषियों के सामने डेथ वारंट पढ़ा गया।
  • चार बजकर 49 मिनट पर सभी आरोपी मेडिकल जांच में फिट मिले
  • चार बजकर 41 मिनट पर फांसी कोठी से बैरक से आरोपियों को बाहर लाया गया
  • चार बजकर 30 मिनट पर जेल अधिकारियों की बैठक जारी थी

आरोपियों को चार बार इस तरह जारी हुआ था डेथ वारंट
-7 जनवरी 2020 पहला डेथ वारंट जारी हुआ, 22 जनवरी के लिए फांसी तय हुई
-17 जनवरी दूसरा डेथ वारंट जारी। फांसी की तारीख 11 फरवरी तय हुई।
-17 फरवरी को तीसरा डेथ वारंट जारी, फांसी की तारीख 3 मार्च तय की गई।
-5 मार्च को चौथा डेथ वारंट जारी, फांसी की तारीख 20 मार्च मुकर्रर की गई।
-18 मार्च को चौथा डेथ वारंट टालने के लिए अर्जी दायर की गई। 19 मार्च को अदालत का डेथ वारंट टालने से इन्कार कर दिया।

डॉक्टरों ने की मौत की पुष्टि
फांसी पर लटकाये जाने के बाद आरोपियों की मौत की पुष्टि डॉक्टरों ने की है। डॉक्टरों ने दिल की धड़कने और नब्ज चेक करने के बाद मौत की पुष्टि की है। अब उनका पोस्टमार्टम होगा।

16 दिसंबर 2012 को हुई थी घटना
16 दिसंबर 2012 की रात चलती बस में निर्भया के साथ सभी आरोपियों ने बर्बता के साथ सभी हदे पार कर दी थी। आरोपियों ने रेप के साथ उसके प्राइवेट पार्ट को भी नष्ट कर दिया था। अपराध इतना भयावह था कि पूरा देश गुस्से से उबल उठा था, केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी, कानून व्यवस्था के विरोध में देश गुस्से से उबल उठा था।

अब मैं निर्भया की तस्वीर के सामने खड़े होकर कह सकती हूं, बेटी तुझे इंसाफ मिल गया है, और देश की कानून व्यवस्था और देश के महामहीम, और अपने वकीलो के साथ सरकारों को भी धन्यवाद देती हूं। 
आशा देवी निर्भया की मां

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