लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में हड़ताल पर उतरे संविदा कर्मचारी, ठप रहे काउंटर, भटकते रहे मरीज

Contract workers on strike in Lucknow government hospitals, stalled counters, wandering patients न्यूज डेस्क। अपनी-अपनी मांगो को लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को सरकारी अस्पतालों के संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गये और पर्चा काउंटर ठप पड़े रहे, वहीं हाल बेहाल मरीज के तीमारदार भटकते रहे। कई मरीज बिना इलाज के ही लौट गये और बाहरी जिलो से आये मरीजों ने अस्पताल में इधर -उधर बैठकर टाइम बिताया।
ऑनलाइन ठप मैनुअल शुरू हुआ काम
बलरामपुर अस्पताल में कर्मचारियों के हड़ताल पर अस्पताल निदेशक के निर्देश पर मैनुअल पर्चे का काउंटर लगाया और तब भी मरीजों को कोई विशेष राहत नहीं मिल सकी। मरीजों की भीड़ के आगे डॉक्टर भी बेबस दिखे।  वहीं दूसरी ओर सिविल अस्तपाल में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी रही, कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मरीज परेशान रहे। इसके साथ ही लोकबंधु, लोहिया और अवंतीबाई में भी कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखी। इमरजेंसी छोडक़र सभी एक ही जैसी स्थिति देखने को मिली।
कर्मचारियों ने जानबूझकर चुना सोमवार का दिन
सोमवार को अस्पताल के कर्मचारियों ने हड़ताल का निर्णय जानबूझकर लिया। कर्मचारियों को पता रहता है कि छुट्टी के दूसरे दिन ओपीडी में भीड़ रहती है, ऐसे में हड़ताल किया जाये तो एनएचएम उनकी मांग को जल्दी मान लेगा।
कर्मचारियों की ये है मांग
प्रधानमंत्री की डिजिटल इंडिया योजना के अंतर्गत यूपी के 32 जिलों में तैनात लगभग 400 ई-हॉस्पिटल कर्मी और यूपीएचएसएसपी द्वारा प्रदेश के 51 जिलों में तैनात टी एंड एम के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। उनकी मांग है कि यूपी के 32 जिलों के चिकित्सालयों में कार्यरत ई-हॉस्पिटल कर्मचारियों कम्प्यूटर आपरेटर एवं सीनियर सपोर्ट को यूपी एनएचएम में समायोजित किया जाए।
संविदा कर्मचारियों की मांग जायज है, लेकिन निर्णय एनएचएम का है इसलिए हम कुछ नही कर सकते हैं। मेरा ये प्रयास है कि कोई भी मरीज बिना इलाज के अस्पताल से न लौटने पाये, सभी डॉक्टरों को एलर्ट कर दिया गया है।
राजीव लोचन बलरामपुर अस्पताल निदेशक

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