कक्षा आठ की छात्रा आध्या ने घुड़सवारी में किया टॉप, जीता स्वर्ण एवं कांस्य पदक

आर्मी में ब्रिगेड कमांडर हैं छात्रा के पिता संतोष
लखनऊ। कक्षा आठ की छात्रा आध्या संतोष ने अपने करतब से सभी को चौका दिया, घुड़सवारी में निपुण आध्या को जिसने भी घोड़े की लगाम पकड़े देखा वह हैरान रह गया, फिर देखते ही देखते घुड़सवारी की रेस में वह टॉपर का खिताब जीत गयी, आध्या को एक स्वण और एक कांस्य पदक से नवाजा गया है। इस सम्मान के साथ आध्या के पिता बिग्रेडियर संतोष भी काफी खुश हैं वह इस समय सेना में ब्रिगेड कमांडर के रूप में तैनात हैं।
लखनऊ के छावनी में नेहरू रोड स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में पढऩे वाली कक्षा आठ की छात्रा आध्या को मेरठ स्थित आरवीसी सेन्टर में दो दिनो तक आयोजित क्षेत्रीय घुड़सवारी लीग शो जम्पिंग में एक स्वर्ण एवं एक कांस्य पदक जीता है। आध्या इससे पहले सेंट्रल कमांड इक्टिेशन ट्रेनिंग नोड लखनऊ घुड़ासवारी की अभ्यास करती हैं और वह विगत दो वर्षों से घुड़सवारी कर रही है। आध्या पूणे स्थित सेडार एक्सेसटेरियन फार्म तथा एम्बासी राइडिंग स्कूल बंग्लौर के प्रोफेशनल कोच आशीष लिमाय तथा संयोगिता से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है। आध्या संतोष ने क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धाओं के दो राउन्ड में विजेता रही है और अब दिसंबर 2019 में बंग्लौर में आयोजित होनेवाले जूनियर नेशनल्स में भाग लेने के लिए तैयार है।
सैन्य अफसरों और जवानों के बच्चों को प्रशिक्षण
सेन्ट््रल कमांड इक्टिेशन ट्रेनिंग नोड घुड़ासवारी खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए सेना के सभी रैंकों के कर्मियों एवं उनके परिवार के आश्रितों को इससे जुड़ी सुविधाएं मुहैया कराती है। घुड़सवारी बच्चों के लिए सर्वेश्रेष्ठ हॉबी के रूप में उभरकर आया है जो बच्चों में उत्साह, विश्वास एवं जानवरों के प्रति प्रेम को दर्शाता है।
क्या है सेंट्रल कमांड इक्टिेशन ट्रेनिंग नोड
दरअसल सेन्ट्रल कमांड इक्टिेशन ट्रेनिंग नोड मध्य कमान के सभी इक्टिेशन ट्रेनिंग नोड में से एक है जहॉं श्रेष्ठ घोड़ों सहित प्रशिक्षक एवं स्टाफ उपलब्ध हैं। इस ट्रेनिंग नोड में शो जंपिंग एवं घुड़सवारी के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम सहित मैदान को हराभरा बनाया गया है। इसके साथ-साथ इसमें नये जम्प्स एवं ऑब्स्टेकल्स बनाये गये हैं। रिमाउन्ट वेटेरेनरी सेन्टर डिपो एवं ट्रेनिंग सेन्टर द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर का घुड़सवारी में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को घुड़सवारी में अपनी कौशल प्रतिभा को उजागर करने का अवसर मिलता है।

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