धान खरीद को लेकर मुख्यमंत्री योगी की सख्त चेतावनी, लापरवाही हुई तो डीएम होंगे जिम्मेदार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसानों को धान का उचित मूल्य दिलाने की जिम्मेदारी प्रदेश के जिलाधिकारियों की है। धान खरीद में अगर लापरवाही मिलती है। अगर कोई शिकायत या गड़बड़ी पाई जाती है तो सीधे तौर पर जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से संपूर्ण धान खरीदने और धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य उन तक पहुंचाने के लिए कृत संकल्प है। कहा कि अगर किसी भी जनपद या मण्डल में कोई भी अधिकारी इसमें ढिलाई बरतता है अथवा लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही भी की जाएगी। अब तक प्रदेश में एक लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद की जा चुकी है जबकि पिछले वर्ष इस समय तक केवल 10 हजार मीट्रिक टन धान क्रय किया गया था। यहां बता दें कि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में मूल्य संवर्धन योजना के अंतर्गत धान क्रय नीति का संशोधन करते हुए धान का समर्थन मूल्य 1750 प्रति कुंटल निर्धारित किया गया है। धान क्रय का लक्ष्य 50 लाख मिट्रिक टन रखा गया है। इसे पिछली बार की तुलना में इस बार बढ़ा दिया गया है। बहरहाल सरकार ने धान खरीदने के वास्ते ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था को फुल प्रूफ बनाने के लिए आधार कार्ड को जमीन के कागजात से जोड़ा गया है। इसके साथ ही किसानों को अब आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जा रहा। चेक से भुगतान और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर दिया गया है।