बीएचयू में नहीं थम रहा बवाल, दारोगा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग, संस्कृृत के प्रो. फिरोज की नियुक्ति का मामला फिर गरमाया

यूपी के बनारस में स्थित बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी बीएचयू बवाल का अड्डïा बनती जा रही है। आये दिन हो रहे बवाल के चलते शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। सोमवार को छात्रों ने मारपीट के आरोप में दारोगा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग के साथ-साथ संस्कृत प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति का मामला फिर से गरमा गया है। दोनो ही मामलो में छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। बता दें कि संस्कृत के प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति का मामला तो देश भर में छाया रहा। वहीं बीते रविवार को शाम एक दारोगा द्वारा कुछ छात्रों को पीटे जाने का मामला प्रकाश में आया था, उस समय दारोगा को निलंबित कर मामले को रफादफा करने का प्रयास किया गया लेकिन सोमवार की शाम मामला फिर गरमा गया और नाराज छात्रों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए निलंबित दारोगा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। आरोप है कि बीएचयू के मुख्य द्वार के पास स्थित लंका चौराहे पर रविवार की देर रात लंका चौराहे पर स्थित एक चाय की दुकान पर बीएचयू के कुछ छात्र चाय पी रहे थे। इसी दौरान वहां शराब के नशे में पहुंचे दो लोग आपस में झगडऩे लगे। देखते ही देखते दोनों में मारपीट होने लगी। इसकी सूचना पर चौकी प्रभारी सीरगोवर्धन अमरेंद्र पाण्डेय और चौकी प्रभारी चितईपुर प्रकाश सिंह मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि पुलिस वहां चाय पी रहे एमए द्वितीय वर्ष (राजनीति शास्त्र) के छात्र विवेक सिंह और बीए तृतीय वर्ष के छात्र प्रियांक मणि को पीटने लगी। छात्रों ने विरोध किया तो प्रकाश सिंह ने पिस्टल की मुठिया और जूते से दोनों छात्रों की पिटाई की। आसपास मौजूद कुछ अन्य छात्रों और दुकानदारों ने विरोध शुरू किया तो पुलिस दोनों छात्रों के अलावा कुछ अन्य लोगों को पकडक़र लंका थाने ले गई। थाने में भी छात्रों को पीटा गया। इसकी सूचना बीएचयू के छात्रावासों में पहुंची तो वहां से बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर लंका थाने पहुंच गए। उन्होंने थाने का घेराव कर दिया और सहपाठी को छोडऩे की मांग की। पकड़े गए छात्रों के अलावा भी कई छात्रों ने दरोगा पर अपनी पिटाई का आरोप लगाया। छात्रों की संख्या देख कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई।
एसपी सिटी और एडीएम सिटी ने संभाला मोर्चा
छात्रों की बढ़ती संख्यसा और आक्रोश को देखते हुए मौके पर पहुंचकर एसपी सिटी दिनेश सिंह और एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह को मोर्चा संभालना पड़ा। छात्रों का आक्रोश शांत हा सके इसके लिए दरोगा के खिलाफ केस दर्ज करने का आश्वासन देते हुए चितईपुर चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।
सोमवार को दिन भर बीतने के बाद नहीं दर्ज हुई एफआईआर तो आक्रोशित हुए छात्र
पुलिस महकमें के उच्च अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी आरोपी दारोगा पर सोमवार की शाम तक जब नहीं दर्ज हुआ तो छात्रों ने फिर से मोर्चा खोल दिया और दरोगा के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। बतों कि छात्रों को आसपास के दुकानदारों का भी समर्थन मिला को सिंह द्वार को भी बंद कर दिया गया। छात्रों की मांग है कि सस्पेंड किए गए चौकी प्रभारी चितईपुर प्रकाश सिंह के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही कैंपस में तैनात पुलिसवालों को तत्काल बाहर किया जाए।

संस्कृत प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति का मामला फिर गरमाया

वहंीं दूसरी ओर संस्कृत प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति का मामला फिर से गरमा गया है। प्रोफेसर को हटाये जाने के 15 दिन का आश्वासन पूरा होने के बाद छात्रों ने सोमवार को फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों ने इस बार अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया है। बतों दे कि फिरोज खान की नियुक्ति मामले में पिछले माह पूरे 15 दिन छात्रों का हाई वोल्टेज ड्रॉमा चला था, जिसे खूब राजनितिक रंग भी देने का प्रयास किया गया था। उसके बाद 22 नवंबर को छात्रों ने धरना शर्तों पर समाप्त किया था, और विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से 15 दिन का समय लिया था, वहीं छात्रों ने संकाय से प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर पांच सवाल पूछे थे। इन सवालों का दस दिन के अंदर जवाब देने का आश्वासन मिला था। इस आश्वासन की समय सीमा खत्म होते ही सोमवार को छात्र फिर से एकजुट हुए और संकाय पर जबरदस्त नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का दबाव बढ़ते ही प्राक्टर और डीन के साथ अन्य अधिकारी पहुंचे और सभी सवालों का जवाब पढक़र सुनाया गया। छात्र जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और संकाय के गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।
ये है मामला
दरअसल बीएचयू में पहली बार संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में मुस्लिम प्रोफेसर डॉ. फिरोज की नियुक्ति की गयी थी। फिरोज के गैर हिन्दू होने के कारण सात नवंबर से उनकी नियुक्ति रद करने की मांग करते हुए संकाय के छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया और वीसी आवास के सामने होलकर भवन के गेट पर धरना शुरू कर दिया था। धरने के 15वें दिन 22 नवंबर को छात्रों ने पांच सवालों के जवाब संकाय से मांगे थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.