बड़ी चुनौतियों के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति बने बीएचयू के प्रो. आलोक राय

लखनऊ। तमाम वाद और विवाद के बीच आखिरकार लखनऊ विश्वविद्यालय को नया कुलपति मिल गया है। इस बार विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर प्रो आलोक राय को नियुक्त किया गया है।
श्री राय काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रबंध शास्त्र संस्थान के प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे। लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रो. राय की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन साल के लिए की है। इस संबंध में नियुक्त पत्र भी जारी कर दिया गया है। लेकिन अब जिम्मेदारी संभालने के बाद उनके सामने चुनौतियां कम नहीं होंगी। प्रो एसपी सिंह के कार्यकाल में विश्वविद्यालय के बजट में अनियमित तरीके से बजट का गोलमाल और फर्जी डिग्री के साथ ही सत्यापन में खेल के साथ और अनुदेशकों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार का दाग मिटा पाना आसान नहीं होगा। फिलहाल नये कुलपति की तैनाती के बाद अब बहुत कुछ बदलने के संकेत मिल चुके हैं। हालांकि कार्यवाहक कुलपति एसके शुक्ला के कार्यकाल में लॉ पेपर लीककांड का विश्वविद्यालय के इतिहास में एक काला दाग है जिसको मिटा पाना बड़ी चुनौती होगा।

                                   प्रो. राय के बारे में एक नजर

-प्रो. राय बीएचयू के प्रबंध शास्त्र संस्थान के मार्केटिंग के प्रोफेसर हैं।
-प्रो. राय ने 6 किताबें लिखी हैं जिसमें मैकग्रा हिल्स, पीएचआई, सेंगेज, मैकमिलन, एक्सेल प्रकाशकों ने छापी है।
-प्रो. राय ने मार्केटिंग, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट, कस्टमर लॉयल्टी, कस्टमर सैटिस्फैक्शन, एंटरप्रेन्योरशिप और बिजनेस एथिक्स के क्षेत्र में चार पुस्तकों का संपादन भी किया है।
-प्रो. राय के अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 80 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं।
-प्रो. राय ने एआईसीटीई और यूजीसी द्वारा वित्तपोषित तीन परियोजनाएं पूरी की हैं।
-इन्होंने पंजाब के केंद्रीय विश्वविद्यालय में संकाय और वैधानिक पदों के चयन के लिए सदस्य, कार्यकारी परिषद, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन और आगंतुक नामिती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

11 + 4 =