प्रेरणा ऐप को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री ने दी बड़ी जानकारी, सिक्योरिटी फीचर से लैस है ऐप, बीएसए अब नहीं दे सकेंगे ऑफलाइन अवकाश

्बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को शिक्षक दिवस से एक दिन पहले तोहफे के रूप में मिले प्रेरणा ऐप के बारे में बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने शुक्रवार को एक बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि महिला शिक्षकों की ओर से तमाम शिकायतें मिल रही थी कि प्रेरणा ऐप पर वह अपनी सेल्फी के माध्यम से उपस्थिति इसलिए नहीं दर्ज करवायेंगी क्योंकि उनकी प्राइवेसी को खतरा है, फोटो का दुरूपयोग हो सकता है, ऐसे में उन्होंने प्रेरणा ऐप के सिक्योरिटी फीचर को खुद परखा और इसकी विस्तार से जानकारी दी है।
पूरी तरह से सिक्योरिटी फीचर से लैस है प्रेरणा ऐप
मंत्री डा. सतीश द्विवेदीने बताया कि पे्ररणा ऐप एक बहुत ही बेहतर ऐप है, और ये पूरी तरह से सिक्योरिटी लैस है। जो भी शिक्षक प्रेरणा ऐप पर अपनी उपस्थिति सेल्फी के माध्यम से दर्ज करायेंगे उनकी फोटो को विकास खंड, जनपद राज्य स्तर पर किसी के द्वारा भी नहीं देखे जा सकेंगे। प्रेरणा ऐप प्रणाली अत्यंत सिक्योर्ड सिस्टम में विकसित है जिसका निरन्तर सिक्योर्ड आडिट भी किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय एवं विकास खण्ड स्तरीय टास्क फोर्स के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी निरीक्षण, ऐप के माध्यम से ही अपलोड करने होंगे।
बीएसए के लिए आदेश जारी, ऑफलाइन नहीं दे सकेंगे अवकाश
प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अब ऑपलाइन अवकाश नहीं ले पायेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. सतीश द्विवेदी ने शुक्रवार को सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है।
बीआरसी स्तर पर बैठक कर प्रेरणा ऐप के बारे में जागरुक करने के निर्देश
मंत्री ने कहा कि सभी शिक्षकों एवं शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ जनपद एवं विकास खण्ड स्तर पर बैठक कर संवाद स्थापित किया जाये और प्रेरणा ऐप से होने वाले लाभ एवं विशिष्टियों के बारे में जानकारी दी जाये।
15 अक्टूबर तक उपलब्ध करानी होंगी सभी सूचनाएं
डा. द्विवेदी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालय की अवस्थापना संबंधी सूचनाओं को 15 अक्टूबर,, तक अवश्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिक्षकों के सर्विस बुक अपडेशन का कार्य 30 सितम्बर, 2019 तक पूरा करा लिया जाये अन्यथा संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा।

लखनऊ समेत सभी जिलों में हो रहा है प्रेरणा ऐप का विरोध

वहीं दूसरी ओर बता दें कि प्रेरणा ऐप को लेकर लखनऊ समेत लगभग सभी जिलों से विरोध जारी है। शिक्षक इसको लेकर तरह-तरह के तर्क देते फिर रहे हैं।

ये हैं शिक्षकों के तर्क

  • -प्रेरणा ऐप से महिला शिक्षकों की फोटो को हो सकता है दुरूपयोग
  • -बच्चों की अधिक संख्या के बीच एक साथ फोटो खीचना संभव नहीं
  • -बच्चों को सुबह के वक्त सम्हालने में ही वक्त लग जाता है।
  • -स्कूलों में बिजली नहीं है ऐसे में बच्चे खाना पाते उस स्थान पर खाना खाते हैं जहां हवा मिलती है,ऐसे में फोटो खीचना संभव नहीं
  • -अधिकांश शिक्षकों का कहना है कि शिक्षण कार्य छोड़ फोटो खीचने का काम नहीं कर सकते।
  • -शिक्षक नेताओं की मांग है कि अन्य विभाग के कर्मचारियों की भी उपस्थिति प्रेरणा ऐप से दर्ज करायी जाये।
  • -काफी शिक्षक ये मानते हैं सुबह पहुंचने में ट्रैफिक संसाधनों के चलते देर हो जाती है, ऐसे में प्रेरणा ऐप पर उपस्थिति संभव नहीं है।
  • -हालांकि बहुत से ऐसे भी शिक्षक हैं जो कहते हैं कि सभी शिक्षकों के लिए इसे लागू करना गलत है, कुछ शिक्षक ऐसे है जिनकी वजह से विभाग बदनाम हो रहा है।
प्रेरणा ऐप पर शिक्षकों द्वारा फोटो के साथ उपस्थिति दर्ज करवाने से कैसे प्राइवेसी भंग होगी। फोटो को कोई नहीं देख सकता है। फिर कोई किसी की फोटो का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता है, शिक्षक इससे पहले भी अपनी सेल्फी फेसबुक पर शेयर करते आये हैं। ऐसे में विभाग के ऐप पर कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
डा. सतीश द्विवेदी बेसिक शिक्षा मंत्री
सभी शिक्षकों के लिए प्रेरणा ऐप क्यो लागू किया जा रहा है, हम ये मानते हैं कुछ शिक्षक हैं जो मनमानी करते हैं, तो उनके खिलाफ एक् शन लिया जाना चाहिए, शिक्षकों की नियुक्ति यदि शिक्षण कार्य के लिए हुई है तो उनको यह कार्र्य करना चाहिए। लेकिन सभी शिक्षकों को प्रेरणा ऐप पर परखा जाये य गलत है।
       विनय कुमार सिंह शिक्षक नेता
                                          लखनऊ से रवि गुप्ता और मनीषा श्रीवास्तव की रिपोर्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

1 × two =