यूपी के सार्वजनिक स्थलों पे नमाज पढ़ने पर रोक, प्रदेश सरकार ने इसलिए उठाया कदम

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए सार्वजनिक स्थल पर एक साथ लोगों को नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। साथ जो लाॅकडाउन का उल्लघंन करते नजर आये उसके खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए गये हैं। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया कि तबलीगियों की गलती की सजा प्रदेश की जनता क्यों भोगे। सरकार ने कहा कि मनमानी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लाॅकडाउन की घोषणा के बाद से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे सिस्टम के साथ खुद भी अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को स्पष्ट दिशा निर्देश भी जारी कर रखा है कि किसी भी हाल में लाॅकडाउन का पालन कराया जाये। मुख्यमंत्री गुरूवार को अपने आवास पर अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे।
कोई मरीज भागा तो डीएम और एसपी होंगे जिम्मेदार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्वारेनटाइन किए गये मरीजों में यदि कोई भी भागा तो इसके लिए जिले के डीएम और एसपी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा मरीज जहां पर भी रखे गये हैं उनके साथ मानवीय व्यवहार के साथ उनके भोजन इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जाये।
तबलीगी समाज के लोगों को हर हाल में खोजा जाये
मुख्यमंत्री पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि तब्लीगी समाज के लोग जहां भी कहीं पर उनको खोज निकाला जाये। जो विदेशी हैं उनके पास पोर्ट को जब्त कर जांच शुरू की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे लोगों को जिन लोगों ने शरण दी है उनकेे खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
200 लोगों के पासपोर्ट जब्त
वहीं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि अभी तक जो कार्रवाई हुई है उसमें 200 लोगों से पासपोर्ट जब्त किए गये हैं, बाकी की तलाश की जा रही है। इसके साथ जिन लोगों ने शरण दी थी उनके खिलाफ भी मामले दर्ज किए गये हैं।

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