आंगनबाड़ी केन्द्रो पर बच्चों को कराया गया अन्नाप्राशन संस्कार

लखनऊ। राष्टï्रीय पोषण माह सितम्बर के अन्र्तगत शुक्रवार को राजधानी समेत प्रदेश के सभी आंगनबाडी केन्द्रो पर 6 माह से 8 माह तक के बच्चो को अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। साथ ही 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चो की माताओ को आंगनबाडी केन्द्र पर बुलाते हुए बच्चो को सामूहिक भोज कार्यक्रम किया गया। आंगनबाडी केन्द्रो पर उपस्थित अभिभावको एंव माताओ के साथ 6 माह से 8 माह तक की आयु के बच्चो को ऊपरी आहार शुरूआत किये जाने पर विशेष रूप से चर्चा की गयी।
निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार शत्रुघ्न ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के अन्र्तगत आज प्रदेश मे संचालित सभी आंगनबाडी केन्द्रो पर सर्वप्रथम 6 माह से 8 माह तक की आयु के बच्चो को अन्नप्राशन संस्कार कराया गया एंव अन्नप्राशन संस्कार के उपरान्त बाल सुपोषण उत्सव के अन्र्तगत आंगनबाडी केन्द्रो पर पंजीकृत 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चो को समूह मे बैठाकर सामूहिक भोज कराया गया।
उन्होंने बताया कि आज आंगनबाडी केन्द्रो पर 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चो को सामूहिक भोज कराये जाने हेतु बच्चो की माताओ द्वारा घर से भोजन तैयार कर आंगनबाडी केन्द्र पर लाया गया था, तथा बच्चो को सामूहिक रूप से खिलाया गया एंव बाल सुपोषण उत्सव मनाया गया। बाल सुपोषण उत्सव के दौरान आंगनबाडी केन्द्र पर उपस्थित महिलाओ एंव अभिभावको को 6 माह से 08 माह तक की आयु के बच्चो को ऊपरी आहार दिये जाने के प्रति जागरूक किया गया। आंगनबाडी कार्यकत्रियो द्वारा ऊपरी आहार पुस्तिका का प्रयोग करते हुए केन्द्र पर उपस्थित महिलाओ को, बच्चो को सक्रियता के साथ ऊपरी आहार दिये जाने एंव खिलाये जाने के तकनीक, स्वादनुसार व्यंजन तैयार किये जाने तथा बीमारी के दौरान भी ऊपरी आहार जारी रखने आदि के बारे मे व्यापक रूप से जागरूक किया गया।
श्री सिंह ने बताया कि आंगनबाडी केन्द्रो पर अन्नप्राशन संस्कार एंव बाल सुपोषण उत्सव के आयोजन का मुख्य उददेश्य महिलाओ को ऊपरी आहार की सही समय पर शुरूआत किये जाने, महिलाओ मे समूह की भावना जागृत करना एंव कुपोषण के प्रति जागरूक करना था ताकि महिलाये अपने बच्चो का कुपोषण से बचाव कर सके।

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