69000 UP teacher Recruitment 2020: सरकार के पक्ष में आया फैसला, बढ़े हुए कट ऑफ से होगी नियुक्ति, शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

यूपी में अब 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का रास्ता आसान हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला दिया है। फैसला आते ही प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ सतीश चन्द्र द्विवेदी ने न्यायालय का शुक्रिया अदा करते हुए भर्ती के इं​तजार में बैठे अभ्यर्थियों को भी बधाई दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक 69 हजार सहायक शिक्षकों की नियुक्ति बढ़े हुए कट ऑफ के आधार पर ही होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार व हाईकोर्ट के इस निर्णय को सही बताया है।

ये था मामला
प्रदेश में योगी सरकार बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ सतीश चन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में क्ववालिटी एजुकेशन के लिए प्रतिबद्ध है, इसी क्रम में जहां सरकारी स्कूलों की दिशा दशा को सुधारने में तेजी से कार्य किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकार योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी तेजी से प्रयास कर रही है। सरकार का मानना है कि क्ववालिटी एजुकेशन के लिए योग्य शिक्षकों का होना जरूरी है। यही कारण है कि सरकार ने सहायक शिक्षक नियुक्ति के लिए पहले से घोषित सामान्य वर्ग के 45 और आरक्षित वर्ग के 40 कट ऑफ को बढ़ा कर 65 और 60 कर दिया था। इस बढ़ी हुई कटआफ का विरोध हुआ तो पहले मामला हाईकोर्ट पहुंचा उसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। दोनो ही अदालत ने यूपी सरकार के निर्णय को सही बताया है। ऐसे में बढ़ी हुई कटआफ पर ही नियुक्ति होगी।

कोर्ट जाने वाले अभ्यर्थियों को यह था तर्क
वहीं बढ़ी हुई कटआफ के खिलाफ कोर्ट जाने वाले अभ्यर्थियों का तर्क था कि राज्य में पहले से काम कर रहे हज़ारों शिक्षा मित्रों को स्थायी नौकरी पाने का पहला अधिकार उनका है। राज्य सरकार ने परीक्षा आयोजित करने के बाद चयन के पैमाने में बदलाव किया है। यह न सिर्फ अवैध है, बल्कि शिक्षा मित्रों के अधिकार का हनन भी है। इस फैसले को बदला जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने दिया था ये निर्णय
ये मामला जब हाईकोर्ट में चल रहा था तो कोर्ट ने अपने अंतिम फैसले में कहा था कि सरकार का निर्णय सही है। इसके बाद इस साल मई में सरकार ने करीब 67000 सफल अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी थी। हालांकि, विवाद लंबित रहने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने करीब 31600 शिक्षकों के पदों को भरे जाने की अनुमति दी थी।

सरकार के कदम की हुई सराहना
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले जब 31 हजार 600 पदों पर शिक्षकों के भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की सरकार को छूट दी तो मुयख्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक सप्ताह में भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।​ जिसके बाद तय समय में भर्ती प्रक्रिया पूरी की गयी और 31 हजार 277 अभ्यार्थियों को मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र भी दिया।

नए कट ऑफ के आधार पर भरे जाएंगे खाली पद
अब मौजूदा समय में फैसले के मुताबिक जस्टिस यु यु ललित और एम शांतनागौडर की बेंच ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षा मित्रों की अपील पर 24 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था। आज दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी अपीलों को खारिज कर दिया है। इससे नए कट ऑफ के आधार पर खाली पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।

अभ्यर्थियों को बेसिक शिक्षा मंत्री ने दी बधाई
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी के योगी जी की सरकार के द्वारा 69 हजार सहायक अध्यापकों भर्ती प्रक्रिया में सरकार के पक्ष में फैसला दिया है, उसका मैं स्वागत करता हूँ, और सभी अभ्यर्थियों को बधाई देता हूं जिनकी भर्ती का मार्ग इस फैसले के बाद प्रशस्त हुआ है। इस फैसले का दूरगामी परिणाम होगा।
योगी सरकार के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रारूप पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मुहर लगा कर पूरे देश में ये संदेश दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर गाँव, गरीब किसान का अधिकार है जिसे लेकर योगी सरकार काम कर रही थी। हम 69 हजार में से 31 हजार 227 पदों पर भर्ती पूरी कर चुके हैं शेष पदों पर माननीय न्यायालय का निर्णय प्राप्त होते ही उनकी प्रक्रिया पूरी कर देंगे, और शिक्षामित्रों को जो न्यायालय की शरण में गये थे, उनकी भर्ती का जो निर्देश दिया है, उनको अगली जो भी भर्ती होगी उनमें उनको अवसर देने में हमें कोई आपत्ति नहीं होगी।