69 हजार शिक्षक भर्ती: शिक्षा निदेशालय का घेराव कर, अभ्यर्थियों ने कहा अधिकारी सरकार से कहकर कोर्ट में महाधिवक्ता की उपस्थिति सुनिश्चित करायें, सुनवाई में मिलती है तारीख, भविष्य है दांव पर

लखनऊ। 69 हजार शिक्षक भर्ती पासिंग माक्र्स विवाद न्यायायल में होने के बाद भी अभ्यर्थियों ने बुधवार को निदेशायल का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगो से संबधित ज्ञापन भी अधिकारियों को भी सौंपा। अभ्यर्थियों ने अधिकारियों के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम भी दिया। अभ्यर्थियों ने मंाग करते हुए कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती पासिंग माक्र्स विवाद के कारण उच्च न्यायालय लखनऊ में मामला लंबित है। लेकिन का 12 सितंबर को इस संबंध में होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता नहीं है, ऐसे में महाििधवक्ता की उपस्थिति को सुनिश्चित कराया जाये। 69 हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि मंडल शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक पांच से अधिक इस प्रकरण में सुनवाई हो चुकी है, लेकिन महाधिवक्ता की अनुपस्थिति के कारण मामले में विलंब हो रहा है। उन्होंने बताया कि पांच सितंबर की विगत सुनवाई में उच्च न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए महाधिवक्ता की अनुपस्थिति में मात्र सीएससी का बयान का दर्ज करके आगे की सुनवाई बढ़ाने की बात की है। इस संबंध में आर्डर भी जारी किया गया है।
दांव पर है 4 लाख 10 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य
अभ्यर्थियों का कहना है कि मामला न्यायालय में इस उन्हे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन मामले की जब सुनवाई हो महाधिवक्ता जरूरी मौजूद रहें। ताकि मामले को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों के से मांग करते हुए कहा कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अभ्यर्थी नियमित आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
अभ्यर्थी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शिवेन्द्र प्रताप सिंह, विनय प्रताप सिंह, अखिलेश शुक्ला, पंकज कुमार वर्मा, सर्वेश प्रताप सिंह, आयुषधर द्विवेदी ने मांग करते हुए कहा कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करायी जाये, ताकि वह अपना पक्ष रख सकें। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को होने जा रही सुनवाई के दौरान यदि महाधिवक्ता अनुपस्थित रहे तो समय और आगे बढ़ जायेगा।

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