65 हजार लोगों को मिलेंगी नौकरियां, यूपीएसएसएससी का गठन, नये अध्यक्ष ने संभाला चार्ज

लखनऊ। यूपी में यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) का गठन सोमवार को हो चुका है। ऐसे में समूह ग के करीब 65 हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो चुका है। योगी सरकार से मंजूरी मिलने के बाद आयोग का गठन किया गया है। इसमें अध्यक्ष पद समेत 5 और सदस्यों को नियुक्त किया गया है। वहीं नये अध्यक्ष के रूप में चन्द्र भूषण पालीवाल ने चार्ज भी संभाल लिया है। श्री पालीवाल 1981 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अफसर हैं जो बेहद ईमानदार छवि के माने जाते हैं। इससे पहले उन्होंने मुख्य सचिव राजीव कुमार से भी मुलाकात की।

चन्द्र भूषण पालीवाल

पदभार ग्र्हण करने के बाद श्री पालीवाल ने कहा कि सभी भर्तियों में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखते हुए काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी पदों पर भर्ती हो ये उनकी पहली प्राथमिकता होगी साथ ही भर्ती के लिए पूरी प्रक्रिया में समय का विश्ोष ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि 15 दिन में नये कलेवर के साथ तैयारियां सामने दिखना शुरू हो जायेंगी।

आठ माह से तनाव में थे युवा
यूपी में पिछले आठ माह से रोजगार को लेकर युवा तनाव का शिकार हो रहे थे । क्योंकि जब कुछ के इंटरव्यू हो रहे थे और कुछ के होने थे , यहां तक लिखित परीक्षा का समय भी आ गया था इसी बीच आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष राज किशोर यादव समेत सभी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद से आगे का पूरा मामला फंसा पड़ा था। योगी सरकार से युवाओं को उम्मीद थी जिसके बाद सरकार ने अपना कदम उठाते हुए एक तरह से युवाओं को राहत दी है। हालांकि इसके लिए कुछ जानकारों का कहना है कि नया अध्यक्ष नियुक्त करने में देरी हुई है। हालांकि सरकार की मंशा थी कि इस पद पर जो भी बैठे विपक्ष कोई भी सवाल न खड़े कर सके। जिसमें काफी मंथन के बाद श्री पालीवाल को बैठाया गया।

16 नामों के बीच सीएम ने पालीवाल को किया सिलेक्ट
सरकार ने श्री पॉलीवाल को अध्यक्ष पद पर उनके पूरे बैकग्राउंड को देखते हुए नियुक्त किया है। सीएम योगी के पास आयोग के अध्यक्ष पद के लिए 16 नामों को भ्ोजा गया था। जिसके बाद सीएम ने पालीवाल के नाम को मंजूरी दी है। मुख्य सचिव के मुताबिक 16 नाम अध्यक्ष पद तथा 24 नाम अन्य सदस्यों के लिए थे ।

नये अध्यक्ष ने कहा कि ये हैं प्राथमिकताएं
-जो भर्ती चल रही थी उन पर तत्काल फैसला लेना
-इससे पहले पूरी स्थिति को भी उन्हें समझना होगा।
-जो रिजल्ट जारी नहीं हो सके इसके पीछे देरी के क्या कारण हैं
-रिजल्ट कितनी जल्दी जारी किया जा सकता है।
-जिनकी परीक्षा हो चुकी है उनका साक्षात्कार कराया जाना।
-सभी लंबित पै्रक्टिकल को पूरा कराया जाना
-24 हजार पद पर जो नये आवेदन आ चुके हैं उस पर भी नियुक्ति के लिए पूरी तैयारी करना

जाने कौन हैं सीबी पालीवाल
जन्म- 21 नवंबर 1954 को हुआ।
मूल निवासी- जालौन के रहने वाले हैं।
– शाहजहांपुर व उन्नाव में जिलाधिकारी के पद एक नई छाप छोड़ी
– आयुक्त व प्रबंध निदेशक परिवहन के पद पर भी अच्छा काम किया

इन पदों पर भी रहें हैं
स्वास्थ्य व डेयरी विकास विभाग के सचिव रहे हैं।
भूमि सुधार निगम में प्रबंध निदेशक रह चुके हैं।
डास्प के समन्वयक का पद संभाल चुके हैं।
केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय में तैनात रह चुके हैं।
नगर विकास प्रमुख सचिव भी रहे हैं।
केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति के समय सेल के चीफ विजिलेंस ऑफिसर भी रहे हैं।
नेशनल कोऑपरेटिव डवलपमेंट कारर्पोरेशन के एमडी के पद पर तैनात रहें।
पोटाश इंडिया लि. के चेयरमैन के रूप में काम कर चुके हैं।
-राजस्व परिषद सदस्य के रूप में काम चुके हैं अच्छी छवि के साथ पद से रिटायर हुए।

आयोग नई टीम में ये नये सदस्य

-हृदय नारायण राव- 1974 बैच के वाणिज्यकर सेवा के अधिकारी हैं।
-डॉ. सीमा रानी- डीएके कॉलेज मुरादाबाद में एसोसिएट प्रोफ़ेसर व शिक्षा विभाग की अध्यक्ष हैं
-डॉ. ओंकार प्रसाद मिश्र-भाजपा अवध प्रांत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष व श्रावस्ती के सांगठनिक प्रभारी हैं।
-अरुण कुमार सिन्हा-1983 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं।
-डॉ. अशोक कुमार अग्रवाल- केएपीजी कॉलेज कासगंज में वाणिज्य संकाय के एसोसिएट प्रोफ़ेसर एवं अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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