लखनऊ में कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी से बसपा में​ टिकट दिलाने के नाम पर ठगे 30 लाख, कमिश्नर ने आशियाना पुलिस को सौंपी जांच

लखनऊ। विधानसभा चुनाव किस महीने में होंगे इस पर स्थिति भले ही नहीं साफ है। लेकिन टिकट दिलाने के नाम पर ठगी का गोरखधंधा फलने फूलने लगा है। ताजा मामला बसपा में टिकट दिलाने के नाम पर 30 लाख रूपए ठगी का सामने आया है। ठगी का शिकार हुए ​व्यक्ति मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से की है। कमिश्नर ने जांच अशियाना पुलिस को सौंपी है। थाना प्रभारी आशियाना ने बताया मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गयी है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुका है।

कौशांबी की सिराथू विधानसभा वाले मोहम्मद फरीद ने पुलिस को बताया कि बसपा से टिकट दिलाने के नाम पर उनसे लखनऊ मंडल कार्यालय आशियाना कार्यालय में उससे 30 लाख रूपए टिकट दिलाने के नाम पर लिए गये बाद में उसे न तो टिकट मिला न ही रकम वापस की गयी। पीड़ित ने बताया कि वह कौशाम्बी के सहजादपुर के रहने वाला हैं। वह व्यापारी व समाजसेवी भी हैं। साल 2012 में सिराथू विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी से वह प्रत्याशी भी रह चुका है। करीब 2 सप्ताह पहले बसपा के सिराथू विधानसभा के बसपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि बसपा सुप्रीमो के कार्यालय से आया है उनको टिकट मिल जायेगा। फिर पदाधिकारी की ओर से पीड़ित को एक मोबाइल नंबर देकर बात करने को कहा गया, बात होती टिकट का रेट पहले ढाई करोड़ बताया गया, लेकिन बाद में उससे 70 लाख मांगे गये, फिर उसने पैसे देने से मना कर दिया। उसके बाद 30 लाख रूपये में पूरी डील हुई।

मायावती से मिलवाने का भी किया वादा
पीड़ित से रकम लेने के बाद उसको मायावती से मिलवाने के नाम पर बसपा कार्यालय भी बुलवाया गया। पीड़ित 24 नवंबर को रिश्तेदार मोहम्मद शोएब, मोहम्मद सकलेन उर्फ मामा और रईस अहमद मड़ियांव नौबस्ता निवासी को साथ लेकर मायावती के आवास के पास पहुंचा था। वहां वहां पैसे लेने वाला शख्स मिला और उसने बताया कि बहनजी से मुलाकात का शाम छह बजे के बाद का वक्त तय हुआ है। लेकिन वहां मुलाकात नहीं पायी। उसके बाद पैसा देने के लिए पीड़ित को आशियाना कार्यालय बुलाया गया।

पैसे मांगने वाले व्यक्ति ने बनाया बहाना
पीड़ित ने बताया कि जब शाम को वह आशियाना स्थित बसपा के लखनऊ मंडल कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि वहां मिलने वाले शख्स का बेटा दुर्घटना में घायल हो गया है। उन्होंने फोन कर पता किया तो कहा गया कि बसपा कार्यालय में मौजूद दूसरे शख्स को पैसा दें दे और मायावती के आवास के गेट नंबर नौ के पास आ जाएं। पीड़ित ने कार्यालय में मौजूद शख्स को पैसे दे दिए और बसपा सुप्रीमो के आवास के गेट नबंर नौ पर पहुंच गए। वहां उन्होंने जब फिर से पहले शख्स से संपर्क करना चाहा तो पता चला कि मोबाइल बंद है। इसके बाद उसने सुरक्षाकर्मियों से जानकारी की तो पता चला कि उसके साथ ठगी हो गई है।

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