UP में 3 नये राज्य विश्वविद्यालय, 51 महाविद्यालयों की हो रही स्थापना, उच्च शिक्षा में आयेगी गुणवत्ता, उप मुख्यमंत्री ने सरकार की गिनायी उपलब्धियां

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके इसके लिए प्रदेश सरकार तेजी से प्रयास कर रही है, जिसमें तीन नये राज्य विश्वविद्यालयों के साथ 51 नये महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। इस बात की जानकारी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डाॅ दिनेश शर्मा ने दी। उप मुख्यमंत्री बुधवार को लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में उच्च शिक्षा में सुधार को लेकर अभी तक की उपलब्धियां बता रहे थे। उन्होंने बताया कि समय से शैक्षिक कैलेण्डर जारी कर शैक्षिक सत्र का नियमितीकरण किया गया है। शैक्षिक कैलेण्डर के अनुसार पठन-पाठन एवं परीक्षाओं के सम्पादन का कार्य कराया जा रहा है। आॅनलाइन परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण करते हुए नकल विहिन परीक्षा का सम्पादन कराया गया है। वर्तमान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कम समय में विशिष्ट उपलब्धियों को अर्जित किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन नये राज्य विश्वविद्यालय राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़, सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय, सहारनपुर तथा आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़ स्थापित किये जा रहे हैं तथा 51 नये राजकीय महाविद्यालयों की भी स्थापना की जा रही है। 30 नये निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राज्य द्वारा आशय पत्र जारी हुए हैं। और औपचारिकतायें पूर्ण करने के लिए उन्हें 02 वर्षों का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय की क्षेत्रीय अधिकारिता को बढ़ाए जाने के लिए तथा छात्रों की कठिनाईयों को कम करने एवं उन्हें स्वावलम्बी बनाने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में हरदोई, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और रायबरेली जिले को सम्मिलित किया गया है।

खाली पड़े पदों पर हुई भर्ती
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में खाली पड़े पदों को भरा गया। जिसमें महाविद्यालयों के प्रवक्ता पद के लिए 2854 पदों के सापेक्ष 1909 पद भरे है तथा 945 पद रिक्त है। वहीं यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा प्रवक्ता के 712 पदों के सापेक्ष 18 विषयों में 272 पदों की संस्तुति शासन को प्राप्त हुई है, जिसके क्रम में तैनाती की कार्यवाही गतिमान है। इसके अतिरिक्त प्रवक्ता के 128 पदों के प्रेषित अधियाचन के क्रम में आयोग द्वारा दिनांक 24.11.2020 द्वारा विज्ञापन प्रकाशित करते हुए आवेदन आमंत्रित किया गया है।

पारदर्शिता के लिए उठाये गये कदम
– राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों की आॅनलाइन तबादला प्रक्रिया शुरू हुई
-जनहित गारण्टी अधिनियम के अन्तर्गत विभागीय 03 सेवाओं को लागू किया गया।
-नवनियुक्त शिक्षकों की तैनाती आॅनलाइन की जा रही है।
-बीएड पाठ्यक्रम के लिए नये महाविद्यालयों को दी गयी एनओसी
– सत्र 2021-22 में काॅलेजों को आॅनलाइन मिलेगी संबद्धता

ये भी रही उपलब्ध्यिां
-उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी की शुरूआत की गयी
– पठन पाठन के लिए उपलब्ध कराये गये ई कटेंट
-उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अपनी आॅनलाइन शिक्षा नीति की घोषणा की गयी है
-7 वर्ष प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध कराए जाने की कार्यवाही की जा रही है।
– अगले वर्ष तहसील ब्लाक स्तर पर संचालित 120 राजकीय महाविद्यालयों मंे ई-लर्निंग पार्क स्थापित किये जायेंगे
– बीएएड प्रवेश परीक्षा 2020 का आयोजन किया गया।