विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए नैक मूल्यांकन जरूरी

-नैक सलाहकार डॉ. के. रमा द्वारा नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया से संबंधित मेंटर्स (परामर्शी) की जिज्ञासाओं का किया गया समाधान
न्यूज डेस्क। प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से उच्च शिक्षण संस्थाओं के मूल्यांकन पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी क्रम में आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ में नैक मेंटर्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नैक संस्था की एडवाइजर डॉक्टर के रमा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की सलाहकार डॉ. के. रमा द्वारा कार्यशाला का संचालन किया गया और प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थाओं के नैक से मूल्यांकन की प्रक्रिया से संबंधित मेंटर्स (परामर्शी) की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। ज्ञातव्य है कि नैक से मूल्यांकन में सहयोग के लिए सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालयों से 5.5 मेंटर चयनित किए गए हैं। सभी उच्च शिक्षण संस्थाएं इन्हीं मेंटर से नैक मूल्यांकन से संबंधित प्रक्रियाजनित समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
यूजीसी से मिला प्रमाण पत्र अनिवार्य
इस अवसर पर डाॅ. के रमा ने बताया कि नैक पंजीकरण की कोई समयसीमा नहीं है। नैक पंजीकरण के लिए ए0आई0एस0एच0ई0 (आॅल इण्डिया सर्वे आॅन हाॅयर एजुकेशन) का आई0डी0 नम्बर अनिवार्य है। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए यूजीसी से प्राप्त 2 एफ तथा 12 बी का प्रमाण पत्र आवश्यक है। विश्वविद्यालय से प्राप्त नवीनतम सम्बद्धता का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। नैक कराते समय किसी भी स्थिति में गलत सूचनाएं न प्रदान करें।
शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर राज्य सरकार संकल्पित
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आर० रमेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए नैक मूल्यांकन प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए बहुत ही जरूरी है। समस्त उच्च शिक्षण संस्थाओं द्वारा नैक मूल्यांकन कराया जाना अनिवार्य है। उन्होने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्प है। वर्तमान में उच्च शिक्षण संस्थाओं में लगभग 52 लाख 80 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं जो संस्था के प्रति उनकी अभिरूचि दर्शाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुल 20 राज्य विश्वविद्यालयों में से 03 विश्वविद्यालय (आजमगढ़, सहारनपुर, अलीगढ़) नवगठित हैं। इस प्रकार कुल 17 संचालित राज्य विश्वविद्यालयों में से 7 विश्वविद्यालय नैक संस्था से मूल्यांकित हैं। 2 राज्य विश्वविद्यालयों (लखनऊ विश्वविद्यालय एवं सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी) के मूल्यांकन के 5 वर्ष की अवधि व्यतीत हो गयी है और वह पुर्नमूल्यांकन हेतु प्रक्रियाधीन हैं। प्रदेश के 159 राजकीय महाविद्यालयों में से 28 राजकीय महाविद्यालय तथा 331 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय में से 87 महाविद्यालय भी नैक संस्था से मूल्यांकित है।
नैक मूल्यांकन की होगी समीक्षा
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने बताया विश्वविद्यालय स्तर पर प्रत्येक तीन माह पर एवं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के स्तर पर प्रत्येक माह नैक मूल्यांकन हेतु समीक्षात्मक कार्यशाला का आयोजन सुनिश्चित किया जाय। इसी क्रम में आज यहां प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में खुली परिचर्चा के दौरान मेंटर्स को समस्त बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन समयबद्ध तरीके से किया जाएगा और नैक मूल्यांकन पूर्ण होने की समीक्षा भी की जाएगी।

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