योगी सरकार बनायेगी 1० परिवारिक अदालते, न्याय व्यवस्था में होगा सुधार

लखनऊ। न्याय व्यवस्था ठीक हो इसके लिए योगी सरकार अब एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। समाज में हर तबके को आसानी से न्याय मिले इसके लिए योगी सरकार 11० परिवारिक अदालते बनाने जा रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद दी। योगी मुख्यमंत्री सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में मुख्य न्यायाधीशों के 18वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिवारिक अदालतों से नई परिवारिक अदालते अलग होंगी। जो परिवारिक और वैवाहिक मामले आसानी से निपटा सके। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी विश्व शांति को बढ़ावा देने की बात करता है। दुनिया भर के बच्चों, महिलाओं और भावी पीढ़ी को सुरक्षा, शांति, स्वच्छ पर्यावरण मुहैया करवाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है ताकि आने वाली पीढ़ी को आदर्श परिस्थितियां मिल सकें।
मंडल मुख्यालयों पर खुलेंगी वाणिज्यिक अदालतें
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी मंडल मुख्यालयों पर वाणिज्यिक अदालतें बनाई जा रही हैं। इन्हें ‘स्मार्ट कोर्ट्स’ कहा जाएगा। इनमें ई-फाइðलग की सुविधा होगी। इन अदालतों में निर्माण एवं संबंधित प्रोजेक्ट्स, फ्रेंचाइजी, जॉइंट वेंचर, प्रबंधन व कंसल्टेंसी से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। पहले चरण में 13 शहरों में स्मार्ट कोर्ट खोले जाएंगे।

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