यूपी बोर्ड- दागी नहीं बनेंगे परीक्षा केन्द्र, छात्राओं को मिलेगी राहत

लखनऊ। राजधानी समेत पूरे प्रदेश भर में यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन परीक्षा बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार सख्त कदम उठाये हैं। इस बार अधिकारियों की माने तो उन विद्यालय को किसी भी कीमत पर परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया जायेगा जो पूर्व में परीक्षा के दौरान नकल कराते पकड़ा गया था।
आगामी वर्ष 2०18 में हाईस्कूल/ इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए ऑनलाइन केंद्र निर्धारण की नीति शासन ने तय कर दी है। जिसमें दागी परीक्षा केन्द्रों को डिबार कर दिया गया है। साथ ही प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग करने व 2०17 में जिन केंद्रों पर सचल दल या शिक्षा और किसी प्रशासनिक अधिकारियों से निरीक्षण के दौरान अभद्र व्यवहार हुआ हो और उपद्रव होने पर एफआइआर दर्ज कराई गई हो उन्हें भी इस बार परीक्षा केंद्र बनाए जाने से डिबार कर दिया गया है। इसके लिए सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने शासन से निर्धारित हुई केंद्र निर्धारण नीति को समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेज कर शासन की मंशा से अवगत कराया है। केंद्र निर्धारण के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 2०18 की हाईस्कूल/इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण ऑनलाइन किया जाए।

केन्द्र की सभी सुविधाएं करनी होंगी ऑनलाइन
केन्द्रों की सभी सूचनाएं प्रधानाचार्य परिषद की वेबसाइट पर भेजेंगे, जिसमें विद्यालय की स्थिति, उसकी धारण क्षमता, फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरा, बिजली कनेक्शन, पेयजल-शौचालय की व्यवस्था, सड़क मार्ग से विद्यालय की दूरी आदि का जिक्र अपलोड होगा। केंद्र निर्धारण में इस बार प्रवेश द्बार पर सीसीटीवी कैमरा लगे विद्यालयों को वरीयता दी जाएगी। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एवं गोपनीयता, उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखे जाने की समुचित व्यवस्था के लिए कम से कम दो लोहे की आलमारी को आवश्यक बताया गया है।

रेगुलर और प्राइवेट दोनो छात्राओं को मिलेगी स्वकेन्द्र की सुविधा
यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार छात्राओं के लिए व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी स्वकेंद्र की व्यवस्था जारी रहेगी। चाहे वह संस्थागत छात्रा हो या फिर प्राइवेट। हालांकि अपरिहार्य स्थिति में छात्राओं को दूसरे विद्यालय में भेजा जा सकता है। स्वकेंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की निगरानी में परीक्षा कराई जाएगी।वहीं, जो विद्यालय सहशिक्षण संस्थान हैं, उनके छात्रों को परीक्षा देने के लिए दूसरे विद्यालय में जाना होगा, वहीं छात्राएं अपने विद्यालय में परीक्षाएं देंगी। अपरिहार्य कारणों से जिस क्षेत्र में स्वकेंद्र व्यवस्था की सुविधा नहीं दी जाएगी, उस विद्यालय की छात्राओं का केंद्र पांच किलोमीटर की परिधि में ही बनाया जाएगा। प्राइवेट छात्राओं को भी स्वकेन्द्र परीक्षाकेन्द्र ही दिया जायेगा।

सभी जिलों में इस तरह से होगी समिति
सचिव के मुताबिक सभी जिलों में परीक्षा से पहले समिति निर्धारित करने के निर्देश दिए गये हैं। जिसमेें,जिलाधिकारी अध्यक्ष, डीआइओएस सदस्य सचिव ,बीएसए सदस्य, एसडीएम सदस्य, दो वरिष्ठ प्रधानाचार्य सदस्य

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