चिन्मयानंद और पीडि़त छात्रा समेत पांचो आरोपियों के लिए गये वॉयस सैंपल

न्यूज डेस्क। चिन्मयानंद और पीडि़त छात्रा समेत पांचो आरोपियों के वॉयस सैंपल लिए जा चुके हैं। एसआईटी ने सभी आरोपियों को लखनऊ लाकर वॉयस सैंपल लिए हैं। एफएसएल के विशेषज्ञ आवाजों के नमूनों तथा वायरल वीडियो की आवाजों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट विशेष जांच दल (एसआइटी) को सौंपेंगे। दरअसल एसआइटी पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुमुक्ष आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद को विधि छात्रा से दुष्कर्म के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में विधि छात्रा व उसके दोस्त समेत चार आरोपितों को भी एसआइटी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। दरअसल, पूरे प्रकरण में कई वीडियो वायरल हुए थे।
इन वीडियो में स्वामी चिन्मयानंद व विधि छात्रा के बीच संवाद के अलावा अलावा तीन युवकों की आवाजें भी हैं। बताया गया कि एसआइटी जांच के दौरान आरोपित वायरल वीडियो में अपनी आवाजों को लेकर सवाल उठा चुके हैं। यही कारण है कि एसआइटी वायरल वीडियो की आवाजों के पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है, जिससे कोर्ट में उन्हें चुनौती न दी जा सके।
एसआइटी की तीन टीमें बुधवार को विधि छात्रा, चिन्मयानंद व तीनों आरोपित युवकों को अलग-अलग लेकर लखनऊ के महानगर स्थित एफएसएल पहुंचीं। एफएसएल में सबसे पहले विधि छात्रा की आवाज का नमूना लिया गया। छात्रा को रवाना किये जाने के बाद स्वामी चिन्मयानंद को एफएसएल लाकर उनकी आवाज का नमूना लिया गया। बाद में तीनों युवकों की आवाजों के नमूने लिये गये।
आइजी एसआइटी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पांच आरोपितों की आवाजों के नमूने एफएसएल विशेषज्ञों ने लिये हैं। आरोपितों के बीच आपस में कोई संपर्क न हो, इसके दृष्टिगत तीन टीमों को उन्हें अलग-अलग लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एसआइटी आरोपितों की आवाजों के नमूनों का परीक्षण कराया जा रहा है।

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