एमपी में मतदान के दौरान होगी वेबकास्टिंग, सीसी टीवी से होगी कड़ी निगरानी

भोपाल। मध्य प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। सोमवार को चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वेबकास्टिंग के माध्यम से 6 हजार 655 मतदान केन्द्रों पर लाइव प्रसारण और 6 हजार 400 मतदान केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरा से विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। इस कार्य के लिये प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक अतिरिक्त व्यक्ति भी नियुक्त किया गया है। प्रत्येक रिटर्निंग एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर पर वेबकास्टिंग व्यूइंग टीम भी नियुक्त की गई है, जिसमें एक तकनीकी टीम विधानसभा स्तर पर नियुक्त की जा रही है। मतदान केन्द्र पर नियुक्त किये जा रहे व्यक्तियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में मतदान केंन्द्रों पर वेबकास्टिंग एवं सीसीटीवी की व्यवस्था की गयी है। इसके माध्यम से असामाजिक तत्व, मतदान प्रक्रिया को बाधित करने वाले पोलिंग एजेंट, फर्जी वोटर जैसे व्यक्ति निगरानी में रहेंगे।
तीन लाख से अधिक कर्मी मतदान केन्द्रों पर तैनात
विधानसभा निर्वाचन 2018 को सम्पन्न कराने के लिये कुल मतदान केन्द्र 65 हजार 367 (26 सहायक मतदान केन्द्र) में कुल 3 लाख 782 मतदान कर्मी लगायें गये हैं। इसमें 2 लाख 54 हजार 878 पुरूष तथा 45 हजार 904 महिला कर्मी हैं। तीन हजार 46 मतदान केन्द्र महिला कर्मियों द्वारा संचालित होंगे तथा 160 पीडब्ल्यूडी बूथ दिव्यांग कर्मचारियों द्वारा संचालित होंगे। निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव के लिये 12 हजार 363 माईक्रो आब्जर्वर की तैनाती मतदान केन्द्रों पर की गई है, जिसमें 12 हजार 211 पुरूष एवं 152 महिला माईक्रो आब्जर्वर हैं।
व्ही.व्ही.पैट की पर्ची से मतदान की पुष्टि होगी
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में सभी मतदान केन्द्रों पर ई.व्ही.एम के साथ व्ही.व्ही.पैट का उपयोग होगा। ई.व्ही.एम में मतदाता द्वारा पसंद के प्रत्याशी के सामने का बटन दबाने के बाद व्ही.व्ही.पैट में सात सेकेण्ड के लिये पर्ची प्रदर्शित होगी, जिस पर अभ्यर्थी का नाम, क्रमांक और चुनाव चिन्ह अंकित रहेगा, जिससे मतदाता यह पुष्टि कर सकेगा कि जिस प्रत्याशी को वोट दिया है वह वोट उसी को गया है। व्ही.व्ही.पैट में बने ड्राप बॉक्स में पर्ची कट कर गिर जायेगी, एक बीप की आवाज सुनाई देगी और मत रिकार्ड हो जायेगा।
यदि मतदान के दौरान बैलेट यूनिट में दबाये गये बटन और व्ही.व्ही.पैट की बैलेट पर्ची पर वहीं चुनाव चिन्ह अंकित नहीं है, तो मतदाता पीठासीन अधिकारी को सूचना देगा। पीठासीन अधिकारी मतदाता से निर्धारित प्रपत्र में घोषणा प्राप्त करेगा तथा कानूनी प्रावधान से अवगत करायेगा। झूठी घोषणा करने पर आईपीसी की धारा 177 के अंतर्गत 6 माह की सजा और 1000 रूपये तक जुर्माने या दोनों से दण्डित किये जाने की चेतावनी की जानकारी देगा । निर्वाचक की लिखित घोषणा के बाद पीठासीन अधिकारी अभ्यर्थी या मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में व्ही.व्ही.पैट से निकलने वाली पर्ची का अवलोकन करेगा। निर्वाचक को मतदान मशीन में एक टेस्ट वोट देने की अनुज्ञा देगा।
यदि आरोप मिथ्या पाया जाता है अर्थात् पर्ची निर्वाचक द्वारा अभिलिखित टेस्ट वोट से मेल खाती है, तो पीठासीन अधिकारी ऐसे टेस्ट वोट को अभिलिखित कर आवश्यक प्रविष्टियॉं करेगा और पूर्व में मतदाता द्वारा की गई घोषणा अनुसार अपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही करेगा। विशेष उल्लेखनीय है कि ई.व्ही.एम और व्ही.व्ही.पैट. पूर्ण सुरक्षित है एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उपयोग हो रही है।
प्रदेश में 53 हजार 545 गैर जमानती वारंट तामील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने बताया कि आदर्श आचरण संहिता लगने के बाद प्रदेश में 6 अक्टूबर से 25 नवम्बर 2018 तक कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिये 1 लाख 79 हजार 710 लोगों पर प्रतिबन्धात्मक कार्यवाही की गई है। इस दौरान 53 हजार 545 गैर जमानती वारंट तामील करवाये गये हैं। साथ ही 4 हजार 985 अवैध हथियार जप्त किये गये हैं और 2 लाख 61 हजार 667 शस्त्र थानों में जमा कराये गये हैं। सम्पत्ति विरूपण के अन्तर्गत 20 लाख 27 हजार 128 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। इनमें से 19 लाख 70 हजार 834 प्रकरणों में कार्यवाही की गयी है। शासकीय सम्पत्ति विरूपण में 14 लाख 87 हजार 172 प्रकरण पंजीबद्ध कर 14 लाख 51 हजार 68 प्रकरणों में कार्यवाही की गई। निजी सम्पत्ति विरूपण के अंतर्गत 5 लाख 39 हजार 948 प्रकरण पंजीबद्ध कर 5 लाख 19 हजार 766 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। उक्तावधि में वाहनों के दुरूपयोग पर 14 हजार 218 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं।
मतदाता को मिलेगी निविदत्त-मतपत्र की सुविधा
भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिये हैं कि यदि मतदाता को मतदान केन्द्र में जाने पर पता चलता है कि उसका मत डाला जा चुका है, तो पीठासीन अधिकारी पहचान संबंधी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर पाने के बाद उस मतदाता को निविदत्त मतपत्र प्रदान करेगा। यह मतपत्र उसी डिजाइन का होगा जैसा कि म्टड में लगाया गया है। इस मतपत्र पर ऐरोक्रॉस मार्क सील से मतदाता अपना मतांकन कर पीठासीन अधिकारी को देगा। पीठासीन अधिकारी दिये गये लिफाफे को सील बंद कर संग्रहण केन्द्र में जमा करेगा। समस्त पीठासीन अधिकारियों को आयोग द्वारा 20 निविदत्त मतपत्र उपलब्ध कराये गये हैं।
प्रदेश की स्टेट आइकॉन 28 नवम्बर को भोपाल में करेंगी मतदान
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विकास नरवाल ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन 2018 की मध्यप्रदेश की स्टेट आइकॉन दिव्यांका त्रिपाठी दाहिया 28 नवम्बर को मतदान दिवस के दिन भोपाल के विधानसभा क्षेत्र 152 के बूथ क्रमांक 284, भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, कोलार रोड पर मतदान करेंगी।

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