एकेटीयू की अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में साझा हुए शोध पत्र, अलग-अलग देशों से पहुंचे 30 वैज्ञानिक

लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि द्वारा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर और डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय महाराष्ट्र के संयुक्त तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस ऑन कॉन्टेम्परेरी कम्पुटिंग और अप्लिकेशन का शुरूआत बुधवार को हो गयी। इस अवसर पर शुभारम्भ सत्र में आईआईटी, कानपुर के उप निदेशक प्रो. मनीन्द्र अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि जबकि एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह, आईईईई के उत्तर प्रदेश सेक्शन के चेयरमेन प्रो आशीष कुमार सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन रहे। इस अवसर कांफ्रेस की पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर कांफ्रेंस के समन्वयक प्रो. एमके दत्ता ने बताया कि कांफ्रेंस 5 से 7 फरवरी, के मध्य चलेगी। उन्होंने बताया कि कांफेरेंस में चेक गणराज्य, स्पेन, ब्रिटेन, अमेरिका, स्विट्जरलैंड, स्लोवेनिया, कनाडा, ब्रातिस्लावा, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन, आइसलैंड, नॉर्वे ऑस्ट्रिया और स्लोवाकिया जैसे विभिन्न देशों के 30 से अधिक वैज्ञानिक पधारे हैं। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेस में 68 शोध पत्र शार्ट लिस्ट हुए हैं। उन्होंने कहा आईईईई के उत्तर प्रदेश सेक्शन की यह कांफ्रेस टेक्नोलॉजी को नए आयाम प्रदान करेगी।
22 प्रतिशत शोध पत्रों का का चयन
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो एसएन सिंह ने कहा कि कांफ्रेस के लिए आये सभी शोध पत्रों में से कांफ्रेस में प्रस्तुतीकरण के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत शोध पत्रों का चयन किया गया। उन्होंने कहा जो शोध पत्र गुणवत्ता परक थे एवं प्रासंगिक शोध कार्यों पर आधारित थे उनको एक ही स्क्रीनिंग के उपरांत शामिल किया गयाहै। हर्ष का विषय है कि आईईईई उत्तर प्रदेश सेक्शन द्वारा सह-प्रायोजित कांफ्रेस आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह कांफ्रेस नवीन तकनीकों के विकास में मददगार साबित होगी।
लर्निंग से होगा निराकरण
मुख्य अतिथि प्रो मनीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि हर एक विधा की समस्या को मशीन लर्निंग के माध्यम से निराकरण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग पिछले पांच दशकों से मौजूद है लेकिन पिछले एक दशक में इसका प्रयोग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि कॉन्टेम्परेरी कम्पुटिंग और अप्लिकेशन पर आयोजित हो रही इस कांफ्रेंस की प्रासंगिकता बढ़ जाती है।
अब तब की सबसे बड़ी प्रेस कन्फ्रेंस
विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने कहा कि विवि के इतिहास में यह सबसे बड़ी कांफ्रेस हैं। उन्होंने कहा विवि ऑनलाइन टीचिंग लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए मूक्स बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा दे रहा है। साथ ही विवि ऑटोमेशन के लिए अग्रसर है। विवि ने गुणवत्ता पूर्ण शोध सामग्री अपने छात्र-छात्राओं को मुहैया करवाने ई-कंसोर्टियम की शुरुआत की है।

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