आगरा एक्सप्रेस वे पर उतरे वायु सेना के फाइटर प्लेन

  • वायु सेना ने युद्ध जैसा दिखाया नजारा, जिसने देखा उसने दबा ली दातों तले उंगली
  • विराट शक्ति प्रदर्शन को देखते हुए सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपने आपको रोक नहीं पाये दर्शक
  • उन्नाव के बांगर मऊ क्ष्ोत्र में स्थित स्थित एयर स्टि्रप पर उतरे विमान
  • सुपर हरक्यूलिस किया लैंड तो मिराज ने किया टचडाउन

लखनऊ। राजधानी को कानपुर से जोडऩे वाले जिले उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में आगरा एक्सप्रेस वे पर मंगलवार को फाइटर प्लेनों का टचडाउन हुआ। जिसे देखने के लिए सेना के अधिकारियों के परिवार समेत पुलिस अधिकारी जिले के तमाम अधिकारी और आसपास के लोग एकत्र हुए। भारी संख्या में तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच फाइटर प्लेनों को जिसने भी देखा हैरत में पड़ गया। सेना के जवानों का करतब देखते हुए लोगों ने दातों तले उंगली दबा ली। सबसे पहले कैरियर एयरक्राफ्ट हरक्यूलिस की लैडिंग हुई। इससे गरुण कमांडो एक्सप्रेस वे पर उतरे ।

कमाण्डों ने उतरते ही जिस तरह से अपना मोर्चा संभाला देखने में ऐसा लग रहा था कि मानो को युद्ध जैसी स्थिति हो गयी हो। इसके बाद 6 मिराज 2०००, 6 सुखाई -3० और 3 जगुआर फाइटर जेड ने टचडाउन किया। इसके बाद वायुसेना के गोरखपुर एयरबेस से लंबी दूरी तक बम गिराने में सक्षम विमान जगुआर टचडाउन के लिए आया। इस मौके पर एयर स्टि्रप के दोनों तरफ मौजूद लोगों ने जगुआर का स्वागत किया। इसके बाद करगिल युद्ध के दौरान दुश्मन के बंकर को तबाह करने वाले विमान मिराज-2००० फाइटर प्लेन आए और एयर स्टि्रप को छूकर निकल गए। इस अभ्यास के अगले चरण में रूस निर्मित सुखोई 3० एमकेआई लड़ाकू विमान एयर स्टि्रप पर आए और छूकर वापस आकाश में चले गए।

बता दें, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर अपने खतरनाक फाइटर जेट से लैंडिग और टेक-ऑफ का अभ्यास किया है। इसकी शुरुआत मालवाहक विमान ए-13० सुपर हर्क्युलिस से हुई। यह विशालकाय विमान इस पूरे अभ्यास का मुख्य आकर्षण रहा। वर्तमान समय में भारतीय वायुसेना के पास अमेरिका निर्मित 6 ए-13० सुपर हर्क्युलिस मालवाहक विमान हैं। इनमें से दो बक्शी का तालाब स्थित एयर बेस पर तैनात हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस सैन्य परिवहन विमान में 4 टर्बोप्रोप इंजन लगे हैं।

यह विमान हवा में ईंधन भरने और लोडर का भी काम करता है। वर्ष 2००8 में भारतीय वायुसेना को पहला हर्क्युलिस विमान मिला था। इसकी शानदार खूबियों को देखते हुए वायुसेना की और ज्यादा विमान खरीदने की योजना है। यह विमान अपने आप में बेहद खास है। ऐसा पहली बार हुआ जब उन्नाव के पास बांगरमऊ हाइवे पर 17 विमान ने हाइवे पर टच डाउन किया। इससे पहले जब एक्सप्रेस-वे बन रहा था, तभी वायुसेना के अनुरोध पर चार किलोमीटर का पैच रनवे की तरह ही तकनीकी तौर पर मजबूत और सॉलिड बनाया गया था।

26० किलोमीटर प्रति घंटा थी रफ्तार

लड़ाकू विमान सुपरसोनिक सुखोई एसयू-3०, जगुआर और मिराज जब आगरा एक्सप्रेस-वे पर उतरे तो उनकी गति 26० किलोमीटर प्रतिघंटा थी। वैसे तो एक्सप्रेस-वे का पांच किलोमीटर का हिस्सा विमानों के टच और उड़ान भरने के लिए लिया गया है, लेकिन केवल तीन किलोमीटर एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल किया गया। तेज गति से विमान तीन सौ मीटर के पैच पर ही उतरे। इस दौरान चार सेकेंड के लिए जमीन को छुआ।

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